सुभाषनगर इलाके में बुधवार शाम एक दुकान पर टॉफी लेने गई तीन साल की मासूम खेलते हुए नाले में गिर गई। परिवार वालों ने बच्ची की मौत की आशंका जताते हुए मोहल्ले वालों के साथ मिलकर पूरा नाला खंगाला, लेकिन वह नहीं मिली। सूचना देने के बाद भी न तो पुलिस और न ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। पार्षद के रवैये से लोगों में गुस्सा देखा गया। देर रात तक आसपास के लोग नाले में घुसकर बच्ची को तलाशने में जुटे थे। बच्ची सिमरन सुभाषनगर इलाके में कालीचरण मार्ग पर पुरानी रेलवे क्रासिंग के पास शिवप्रकाश के मकान में किराए पर रहने वाले शिवप्रकाश की बेटी है, जो मजदूरी करते हैं। बुधवार शाम पांच बजे सिमरन बच्चों के संग खेलते हुए दुकान पर टॉफी लेने गई थी। फिर वह खेल-खेल में नाले के किनारे दीवार पर कुछ दूर तक चलती देखी गई। उसके बाद सिमरन का कुछ पता नहीं चला। काफी देर बाद जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिवार वाले परेशान होकर खोजने लगे। नाले के नजदीक खेलने वाले बच्चों ने उसके नाले में गिरने की जानकारी दी तो पिता बिरजू ने मोहल्ले के चिन्नू और गुल्ले के साथ मिलकर नाले में कूद गए और बच्ची को चार घंटे तक नाले में ढूंढा। फिर भी उसका पता नहीं चला। बाद में बच्ची को तलाशने के लिए मोहल्ले के कुछ और लोग भी नाले में उतर गए। देर रात तक कुछ पता नहीं चला। इस बीच मोहल्ले के सुरेश चंद्र पांडेय ने नगर निगम और चौकी इंचार्ज को बच्ची के नाले में डूबने की आशंका जताते हुए मोबाइल से सूचना दी लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा।