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CBSE 10th Result: गणित में पिछड़े विद्यार्थी, एआई और भाषा में किया बेहतर प्रदर्शन

Thu, 16 Apr 2026 03:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

सीबीएसई 10वीं के नतीजों में विद्यार्थियों ने हिंदी, अंग्रेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने गणित के प्रति डर और सरल विषयों के चुनाव को इसका मुख्य कारण बताया, जिसके चलते करीब 30 फीसदी परीक्षार्थियों ने गणित छोड़ा। इससे कई विद्यार्थियों को 95 फीसदी से अधिक अंक मिले।
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रिजल्ट के बाद खुशी का इजहार करते विद्यार्थी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) की ओर से घोषित 10वीं के नतीजों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि विद्यार्थियों ने हिंदी, अंग्रेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन गणित में वे पिछड़ गए हैं। बरेली जिले में इस बार 10वीं में 8900 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 92 ने परीक्षा छोड़ दी थी। 8808 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए थे। आंकड़ों के अनुसार, विद्यार्थियों को भाषा और तकनीकी विषयों में गणित की तुलना में काफी बेहतर अंक हासिल हुए हैं। इससे उनकी ओवरऑल मेरिट में सुधार हुआ है, लेकिन मुख्य विषयों की पकड़ पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गणित में कम अंकों का प्रमुख कारण विद्यार्थियों का इस विषय के प्रति बढ़ता डर और इसे छोड़ देने की प्रवृत्ति है।

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हैरानी की बात यह है कि इस सत्र में करीब 30 फीसदी परीक्षार्थियों ने गणित जैसे कठिन और महत्वपूर्ण विषय से दूरी बनाकर अन्य सरल विषयों का चुनाव किया, ताकि वे अपनी मेरिट में सुधार कर सकें। इस कारण अधिकतर विद्यार्थियों के 95 फीसदी से अधिक अंक आए हैं। दूसरी ओर, गणित में कुछ विद्यार्थियों को 100 में से 100 अंक तो मिले हैं।

एआई के प्रति बढ़ी रुचि 
दूसरी ओर डिजिटल युग के प्रभाव के चलते विद्यार्थियों की रुचि एआई और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक विषयों में बढ़ी है। इसका सकारात्मक असर उनके प्राप्तांकों पर साफ दिखाई दे रहा है। अंग्रेजी और हिंदी जैसे विषयों में भी इस बार अंक वितरण काफी अच्छा रहा है। इसके चलते अधिकतर छात्र सम्मानजनक अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं। हालांकि, गणित जैसे मौलिक विषय में पिछड़ना भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है।

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छात्र शौर्य और कुशाग्र ने प्राप्त किए 98.4 प्रतिशत अंक 
बरेली के सेक्रेड हार्ट्स स्कूल के छात्र शौर्य ने सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने साइंस में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। शौर्य ने बताया कि बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया और हर टॉपिक को अच्छे से समझा। अब मैं पीसीएम स्ट्रीम लेकर आईआईटी जेईई की तैयारी करूंगा। मैंने नियमित पढ़ाई, रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। सभी छात्रों से कहना चाहूंगा कि अच्छे अंक लाने के लिए मेहनत और लगातार प्रयास करना बहुत जरूरी है।

एआई में शत-प्रतिशत अंक 
इसी स्कूल के छात्र कुशाग्र वर्मा ने भी 98.4 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई करना ही सफलता का मूल मंत्र है। रोज स्कूल में पढ़ाए गए टॉपिक्स को घर आकर दोहराता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शुरू से मेरी रुचि थी। इसमें 100 अंक हासिल हुए हैं। आगे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का लक्ष्य है। सभी साथियों को वही संदेश है कि मेहनत के साथ पढ़ाई करें और नियमितता बनाए रखें। 

आईटी में दिलचस्पी से मिले 100 अंक
जिंगल बेल्स पब्लिक स्कूल के हम्माद अहमद ने बताया कि शुरुआत से ही आईटी में दिलचस्मी होने के कारण इस विषय में पूरे 100 अंक मिले हैं। पढ़ाई के लिए मैंने कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई थी पर जो भी पढ़ता था उसे कंठस्थ करके ही आगे बढ़ता था। अब लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। इसलिए 12वीं में पीसीएम लेना है। पिता नौशाद अहमद व माता फरहा नाज ने हमेशा मदद की। 
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एआई से पढ़ाई, अद्वैत ने हासिल किए 97.2% अंक
दसवीं के छात्र अद्वैत मोहन तिवारी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से पढ़ाई कर 97.2 फीसदी अंक हासिल किए। उन्होंने एआई से नोट्स बनाकर तैयारी की। इससे उनके समय की बचत हुई। साथ ही, एआई ने अलग-अलग तरह के सवाल भी बनाए। उसे हल करने से तैयारी भी अच्छी हुई। फेसबुक, इंस्टाग्राम के बजाय यूट्यूब पर पढ़ाई से जुड़े हुए वीडियो देख अपने समय का इस्तेमाल किया।

विद्यालय के ही समृद्ध कपूर ने भी एआई से पढ़ाई कर 96.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। समृद्ध ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब भी मन में सवाल उठते थे तो वह एआई की मदद लेते थे। एआई से जितना पूछते हैं, वह उसके साथ अतिरिक्त जानकारी भी देता है। दसवीं में 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्भूषण त्रिपाठी ने भी पढ़ाई में एआई की सहायता ली। वह वर्कशीट में जो जवाब लिखते थे, उसे एआई से चेक करते थे। एआई का इस्तेमाल उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के विश्लेषण में भी किया।
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