छात्र शौर्य और कुशाग्र ने प्राप्त किए 98.4 प्रतिशत अंक
बरेली के सेक्रेड हार्ट्स स्कूल के छात्र शौर्य ने सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने साइंस में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। शौर्य ने बताया कि बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया और हर टॉपिक को अच्छे से समझा। अब मैं पीसीएम स्ट्रीम लेकर आईआईटी जेईई की तैयारी करूंगा। मैंने नियमित पढ़ाई, रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। सभी छात्रों से कहना चाहूंगा कि अच्छे अंक लाने के लिए मेहनत और लगातार प्रयास करना बहुत जरूरी है।
एआई में शत-प्रतिशत अंक
इसी स्कूल के छात्र कुशाग्र वर्मा ने भी 98.4 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई करना ही सफलता का मूल मंत्र है। रोज स्कूल में पढ़ाए गए टॉपिक्स को घर आकर दोहराता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शुरू से मेरी रुचि थी। इसमें 100 अंक हासिल हुए हैं। आगे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का लक्ष्य है। सभी साथियों को वही संदेश है कि मेहनत के साथ पढ़ाई करें और नियमितता बनाए रखें।
आईटी में दिलचस्पी से मिले 100 अंक
जिंगल बेल्स पब्लिक स्कूल के हम्माद अहमद ने बताया कि शुरुआत से ही आईटी में दिलचस्मी होने के कारण इस विषय में पूरे 100 अंक मिले हैं। पढ़ाई के लिए मैंने कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई थी पर जो भी पढ़ता था उसे कंठस्थ करके ही आगे बढ़ता था। अब लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। इसलिए 12वीं में पीसीएम लेना है। पिता नौशाद अहमद व माता फरहा नाज ने हमेशा मदद की।
एआई से पढ़ाई, अद्वैत ने हासिल किए 97.2% अंक
दसवीं के छात्र अद्वैत मोहन तिवारी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से पढ़ाई कर 97.2 फीसदी अंक हासिल किए। उन्होंने एआई से नोट्स बनाकर तैयारी की। इससे उनके समय की बचत हुई। साथ ही, एआई ने अलग-अलग तरह के सवाल भी बनाए। उसे हल करने से तैयारी भी अच्छी हुई। फेसबुक, इंस्टाग्राम के बजाय यूट्यूब पर पढ़ाई से जुड़े हुए वीडियो देख अपने समय का इस्तेमाल किया।
विद्यालय के ही समृद्ध कपूर ने भी एआई से पढ़ाई कर 96.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। समृद्ध ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब भी मन में सवाल उठते थे तो वह एआई की मदद लेते थे। एआई से जितना पूछते हैं, वह उसके साथ अतिरिक्त जानकारी भी देता है। दसवीं में 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्भूषण त्रिपाठी ने भी पढ़ाई में एआई की सहायता ली। वह वर्कशीट में जो जवाब लिखते थे, उसे एआई से चेक करते थे। एआई का इस्तेमाल उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के विश्लेषण में भी किया।