बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के वार्षिक कोर्सेज में पंजीकृत करीब डेढ़ हजार विद्यार्थियों का भविष्य लापरवाही में अटका है। परिणाम घोषित न होने के कारण वे नए कोर्स में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। छात्रवृत्ति से भी वंचित रहने की आशंका है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेताओं के मुताबिक, विश्वविद्यालय में वार्षिक कोर्स की संख्या 17-18 है। इनमें बीएड, एमएड, बीकॉम ऑनर्स, बीकॉम कंप्यूटर और डिप्लोमा कोर्सेज शामिल हैं। उनका कहना है कि विवि के इन कोर्सों में पंजीकृत करीब डेढ़ हजार विद्यार्थी परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। वार्षिक कोर्स के परिणाम अगस्त तक जारी हो जाते हैं। लेकिन, इस बार परिणाम घोषित करने में हुई लेत-लतीफी विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। वे नए कोर्स में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। अबतक नए शैक्षणिक सत्र का आधा समय भी बीत चुका है। इससे वे और परेशान हैं। साथ ही, छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तिथि भी नजदीक है। अंकतालिका और परिणाम न होने से विद्यार्थी छात्रवृत्ति से भी वंचित रह जाएंगे।
कॉपी मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप, दोबारा करने की मांगछात्र नेताओं के मुताबिक, अवंतीबाई कन्या महाविद्यालय की 40 छात्राओं की लगातार बैक आ रही है। आरोप है कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद मूल्यांकन के बाद बैक ही आ रही है। मूल्यांकन में गड़बड़ी के चलते कम अंक दिए जा रहे हैं। उन्होंने को-करिकुलर विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दोबारा कराने की मांग की है। इसके अलावा स्पेशल बैक परीक्षा के आवेदन फॉर्म अबतक न खोले जाने पर चिंता जताई है। स्पेशल बैक परीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण छात्राओं का अगला सत्र और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने फॉर्म जारी कर परीक्षा तिथियां घोषित करने की मांग की है।
एबीवीपी ने दिया ज्ञापन
विद्यार्थियों की इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए एबीवीपी के नेतृत्व में छात्राओं और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर जाकर परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन दिया। उन्होंने परीक्षा परिणामों की घोषणा में लेट-लतीफी और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की। एबीवीपी के महानगर सहमंत्री रवि प्रताप सिंह ने कहा कि विवि की लचर परीक्षा-परिणाम व्यवस्था के कारण विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है।
वर्जन,
- जिन विषयों के रिजल्ट रह गए हैं, उनको जल्द जारी कराने का काम किया जा रहा है। जो विद्यार्थी को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है, उनकी कॉपियों को एक्सपर्ट से दिखवाया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक