बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अंकपत्र की समस्याओं को लेकर परेशान हैं। त्रुटिपूर्ण मार्कशीट की वजह से विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने से वंचित रह जा रहे हैं। गड़बड़ियों में सुधार के लिए वह चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार से शुरू की गई फीडबैक फॉर्म भरवाने की कवायद में सबसे ज्यादा शिकायतें अंकपत्र को लेकर आ रही हैं।
केस 1- बदायूं की एमए की छात्रा ने बताया कि अंकपत्र पाने के लिए उसे दो दिन तक भटकना पड़ा। छात्रा ने सेमेस्टर के हिसाब से अंकपत्र पर नंबर दर्ज करने का भी सुझाव दिया है।
केस 2 - जोगी नवादा की रहने वाली बीए की छात्रा ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर त्रुटियों को लेकर शिकायत की है। कहा कि मूल्यांकन के बाद अंक चढ़ाने में भी गंभीरता बरतनी चाहिए।
केस 3- बहेड़ी निवासी एमए अंतिम वर्ष के छात्र ने कहा कि मुझे एमए की मार्कशीट मिल चुकी है, लेकिन बीए अंतिम वर्ष की मार्कशीट अब तक नहीं मिली। आठ दिन से लगातार चक्कर काट रहा हूं, हर बार कल आने को कहते हैं। मार्कशीट न मिलने से पीजीटी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहा।
केस 4- चंदौसी से आई बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा ने अंकपत्र में संशोधन के लिए उसे दो माह से ज्यादा समय से चक्कर लगवाए जा रहे हैं। जून में आने पर एक माह बाद आने के लिए कहा गया। दो महीने बाद आई तब भी अंकपत्र नहीं दिया गया।
शिकायतों के बाद केंद्रीय कंप्यूटर केंद्र के प्रोग्रामर को हटाया
शिकायतों के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर केंद्र के प्रोग्रामर के पद पर लंबे समय से कार्यरत प्रो. रविंद्र कुमार गौतम को पद से हटा दिया गया है। उन्हें बायोइंफॉर्मेटिक्स एंड कंप्यूटेशनल बायोलॉजी विभाग के प्रोग्रामर पद पर भेजा गया है। प्रो. रविंद्र की जगह नवीन गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि नवीन गुप्ता पहले भी ये कार्य देखते रहे हैं। वे हाल ही में राम मनोहर लोहिया मेडिकल कॉलेज लखनऊ में परीक्षा नियंत्रक के रूप में तीन वर्षों का कार्यकाल पूरा करके लौटे हैं।