बरेली। बरेली कॉलेज में छह दिन पहले कर्मचारियों से मारपीट और हंगामे के बाद सोमवार को फिर बवाल हो गया। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से आक्रोशित छात्र नेता गेट तोड़कर प्राचार्य कक्ष में घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की। प्राचार्य की कुर्सी कार्यालय से बाहर लाकर मैदान में रख दी। बदसलूकी से आहत प्राचार्य ने डीएम और एसएसपी से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है। उधर, कॉलेज में बवाल के दौरान हालात बेकाबू हुए तो एएसपी साद मियां तीन थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रनेताओं और चीफ प्रॉक्टर को शांत कराया।
सोमवार को बरेली कॉलेज के सभी कार्यालय खुले, लेकिन कर्मचारियों ने 12 अक्तूबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारी क ॉलेज तो पहुंचे, लेकिन कोई कार्य नहीं किया। इस पर परिषद के कार्यकर्ताओें ने आपत्ति जताई। इसके बाद भी कर्मचारी काम करने अपने पटल पर नहीं पहुंचे तो छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कई छात्र नेता प्राचार्य से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके कार्यालय का गेट बंद था। इस पर छात्र नेता गेट तोड़कर अंदर घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे। इस पर प्राचार्य कार्यालय से उठकर चले गए। इसके बाद छात्र नेताओं ने उनकी कुर्सी मैदान में लाकर रख दी।
हंगामा और तोड़फोड़ की सूचना चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने पुलिस को दी। इसके बाद दोपहर दो बजे तक कोतवाली, बारादरी और किला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी साद मियां और सीओ भी कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर से प्रकरण पर बात की। छात्र नेताओं को समझाया। दोनों पक्षोें ने कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मांगें पूरी करने को कहा है।
डीएम, एसएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने तत्काल आरोपी छात्रनेताओं को गिरफ्तार करने को कहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने छात्र संगठन और शिक्षक संघ से इतर किन्हीं पांच विद्यार्थियों की ओर से शिकायत मिलने पर ही तत्काल कार्रवाई की बात कही। हालांकि, देर शाम तक कोई एसएसपी के पास फरियाद लेकर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्राचार्य और शिक्षक संघ के पदाधिकारी डीएम नितीश कुमार के पास पहुंचे। डीएम ने घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही उन्होंने कार्रवाई करने को कहा है।
सछास ने कहा- प्राचार्य को किया गया अपमानित
इधर, समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारी करीब तीन घंटे तक चले बवाल के दौरान नदारद रहे। मगर दोपहर तीन बजे वे कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य से मिलकर विद्यार्थी परिषद के आरोपी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि अगर यही घटनाक्रम सछास की ओर से होता तो अब तक गिरफ्तारी हो जाती पर सत्ता के खौफ के चलते कॉलेज और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कहा, कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और प्राचार्य से बदसलूकी करना कॉलेज की मान मर्यादा को तार-तार करने जैसा है।
अब 21 को जमा किए जाएंगे फार्म
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 अक्तूबर यानी सोमवार को परास्नातक के शेष प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जानी थी। मगर कर्मचारियों के क ार्य बहिष्कार और छात्र नेताओं के हंगामा करने से प्रवेश नहीं हो सके। दूरदराज से आए विद्यार्थी परेशान हुए। प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने कहा कि प्रवेश समिति ने छात्रहित में 19, 20 अक्तूबर के अवकाश के बाद 21 अक्तूबर को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय लिया है। 21 को फार्म जमा किए जाएंगे और अंतिम तिथि से पहले उन्हें वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। कर्मचारियों ने भी इस पर सहमति जता दी है।
सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा कॉलेज का हर कोना
पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई न होने, लगातार बढ़ रहे हंगामे और बाहरी तत्वों का प्रवेश रोकने के लिए अब कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज के प्रत्येक विभाग, कक्ष और उनके बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्राचार्य को पत्र लिख दिया है। उन्होेंने प्रकरण की पूरी जांच के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग से आरोपी छात्रों की पहचान कर कॉलेज स्तर से नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। कहा, पुलिस प्रशासन से भी प्रकरण में सख्त कार्रवाई करने के लिए लगातार कहा जा रहा है।
वर्जन
पहले भी हमने उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी, पर सुनवाई नहीं हुई। डीएम, एसएसपी ने अबकी बार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। छात्रहित में 21 अक्तूबर को प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शिक्षकों और कर्मचारियों की बैठक के बाद आगे के रुख पर निर्णय लिया जाएगा। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य
हंगामे की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस फोर्स बुलाई गई। सभी पक्षों ने पुलिस अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताईं हैं। कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है। उन्होंने प्रकरण की जांच और मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया है। कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे लगाने को पत्र लिखा है। - डॉ. वंदना शर्मा, चीफ प्रॉक्टर
कर्मचारियों की कोई मांग है तो वे धरना दें, मगर दूर दराज से आए विद्यार्थियों को परेशान करना न्याय संगत नहीं है। छात्रों का अहित विद्यार्थी परिषद बर्दाश्त नहीं करेगी। जिस कर्मचारी ने छात्रों से अभद्रता की है, अगर उसके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो फिर विरोध दर्ज कराया जाएगा। - गौरव यादव, प्रदेश सहमंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद