बरेली। ताइपे आर्थिक व सांस्कृतिक केंद्र (टीईसीसी) की ओर से छात्रवृत्ति के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय से इस वर्ष एक ही छात्रा का चयन हुआ है। जो विश्वविद्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी भी है। जिसे एक वर्ष की स्कॉलरशिप मिली है। साथ ही, एक शिक्षिका का भी चयन हुआ है।
छात्रवृत्ति के लिए मई में हुई इस चयन प्रक्रिया पर छात्र मोहम्मद अनस ने विभागीय शिक्षकों पर भेदभाव व भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया था, छात्र का आरोप था कि बहुभाषी विभाग की एक कर्मचारी का चयन निश्चित है। छात्रा गीतांजलि तिवारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मानविकी विभाग के बहुभाषीय विभाग में एक निजी कंपनी से आउटसोर्स कर्मी है। विभाग प्रभारी प्रो. अनीता त्यागी ने एक आरटीआई के जवाब में इस वर्ष चयनित छात्रों की सूची में एक ही छात्रा का नाम है। कहा है कि चयन प्रक्रिया में रुविवि से टीईसीसी कोई वार्तालाप नहीं करती है। इसमें सिर्फ ताइवान के शिक्षक से ही वार्तालाप होता है, उन्हीं से टीईसीसी चयन प्रक्रिया से संबंधित कम्युनिकेशन करता है।
शिक्षिकों के चयन पर प्रो. त्यागी ने बताया कि रुविवि से दो शिक्षक इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाले थे, पर एक ही आवेदन से रुविवि के शिक्षा विभाग की शिक्षिका डॉ. मिनाक्षी द्विवेदी चयनित हुईं। स्पष्ट किया कि बीते वर्षों में कई विद्यार्थी चयनित होते थे पर इस बार एक छात्रा का चयन हुआ। इसकी वजह टीईसीसी की बदली पॉलिसी हैं। बहुभाषीय विभाग का कोई रोल नहीं है।
वर्जन
सरकार की नीति अर्न वाइल यू लर्न है। इसी के तहत छात्रा ने आवेदन किया, और उसका चयन हुआ। संयोग है कि एक ही शिक्षिका ने आवेदन किया तो उनका चयन शिक्षकों की कैटेगरी में हुआ। - प्रो. अनिल कुमार राय, कुलपति, रुविवि