छात्र और सहायक प्रोफेसर के बीच हुआ था विवाद
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शिक्षिका से अभद्रता के आरोपी एलएलएम द्वितीय सेमेस्टर के छात्र को आगामी आंतरिक (मिड-सेमेस्टर) लिखित परीक्षा में बैठने की सशर्त अनुमति प्रदान की है। विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता कार्यालय की ओर से जारी पत्र में यह जानकारी दी गई है।
शिक्षिका के साथ अभद्रता को लेकर कुलपति प्रो़ केपी सिंह ने 19 सितंबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। जांच पूरी होने तक छात्र का विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया। अब छात्रहित को ध्यान में रखते हुए, विश्वविद्यालय ने छात्र को आठ अक्तूबर से शुरू हो रही आंतरिक लिखित परीक्षा देने की अनुमति दी है।
मुख्य नियंता प्रो. रवेंद्र सिंह ने निर्देश दिया है कि छात्र की लिखित उत्तर पुस्तिकाओं को सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा और इनका मूल्यांकन समिति की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किया जा सकेगा। आंतरिक परीक्षा के शेष भाग, जैसे कि प्रेजेंटेशन, मौखिकी और असाइनमेंट के लिए अभी कोई अनुमति नहीं दी गई है। इन पर निर्णय विभागाध्यक्ष और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। छात्र को लिखित में एक अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह केवल परीक्षा देने के उद्देश्य से ही विश्वविद्यालय परिसर में आएगा। संवाद