रुट मार्च में शामिल एसएसपी और अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पुलिस और आरएएफ ने किया रूट मार्च, बारादरी और किला में रही ज्यादा सख्ती
बरेली। दसवें मोहर्रम को लेकर रविवार को पुलिस ने सख्ती दिखाई। गलियों से लेकर सड़क तक पुलिस तैनात रही। बारादरी और किला क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी गई। इस दौरान एसएसपी शैलेश पांडेय ने पुलिस और आरएएफ के साथ रूट मार्च किया।
कोरोना के चलते मोहर्रम पर ताजिया निकालने को शासन ने रोक लगाई हुई है, जिसके चलते रविवार को दसवें मोहर्रम को लेकर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई हुई थी। मुस्लिम बाहुल्य बारादरी और किला क्षेत्र में पुलिस को ज्यादा सतर्क रखा गया। इस दौरान एसएसपी ने पुलिस और आरएएफ के साथ रूट मार्च कर लोगों को लॉकडाउन का पालन करने का संदेश दिया। एसएसपी शैलेश पांडेय और एसपी सिटी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में रूट मार्च बिहारीपुर से शुरू होकर दरगाह आला हजरत, मलूकपुर, जसौली किला फाटक, संदल खां बजरिया और बानखाना होते हुए कुतुबखाना पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान बेवजह बाहर खड़े लोगों से लॉकडाउन का पालन करने और भीड़ न लगाने की अपील की गई।
सड़कों पर घूमने वाले दौड़ाए
लॉकडाउन और मोहर्रम के चलते गलियों से लेकर सड़क तक हर ओर पुलिस तैनात रही। बारादरी क्षेत्र में पुलिस ने सड़क पर घूमने वाले लोगों को डांटकर घर भगा दिया। इसके अलावा बेवजह घूमने वाले बाइक सवारों के चालान भी किए गए।
उमरिया को लेकर विशेष सतर्कता
कैंट क्षेत्र के गांव उमरिया में दोे साल पहलेे कांवड़ और फिर मोहर्रम को लेकर तनाव का माहौल बना था। इसके चलते मोहर्रम को लेकर वहां विशेष सतर्कता बरती गई। उमरिया में लोग ताजिया न निकालें इसके लिए जगह-जगह बैरियर बनाए गए थे।
जिले में शांतिपूर्ण तरीके से मोहर्रम का त्योहार मनाया गया। पुलिस और आरएएफ ने फ्लैग मार्च भी किया। बेवजह बाहर घूमने वालों को सख्ती से समझाया गया। कहीं कोई दिक्कत नहीं रही है।- शैलेश पांडेय, एसएसपी