जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी ने भी नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के हर वार्ड और गली में कुत्तों और बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुहाल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम तुरंत शहरभर में आवारा कुत्तों की पकड़ के लिए विशेष अभियान चलाए।
शास्त्री मार्केट से आजमनगर तक बढ़ी मुसीबत, घरों से निकलना हुआ दूभर
आवारा कुत्तों का खौफ केवल इंदिरा मार्केट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अन्य प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में भी कुत्तों का आतंक है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के मुताबिक, शास्त्री मार्केट, गली मनिहार और आजमनगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती संख्या और आक्रामक रवैये के कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
बाजारों में खरीदारी करने आने वाली महिलाओं और बच्चों में इन आवारा जानवरों को लेकर हमेशा डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, तभी इतनी शिकायतों के बाद भी धड़पकड़ के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वहीं, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया की टीम को भेजकर कुत्तों को पकड़वाया जाएगा।