पिछले साल भी हुई थी जांच
बताया जाता है कि डीआरआई की टीम पिछले वर्ष भी इसी प्रतिष्ठान पर जांच के लिए पहुंची थी। उस समय दिनभर की कार्रवाई के बाद टीम कारोबारी को अपने साथ लखनऊ ले गई थी। हालांकि उस कार्रवाई में क्या सामने आया और पूछताछ में क्या जानकारी मिली, इसका कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया था। मंगलवार को दोबारा कार्रवाई की खबर फैलने के बाद सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कारोबारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन बंद मिले।
बाजार में कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।कारोबारी सोने-चांदी के आभूषण और रत्नों के कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं। हालांकि डीआरआई की कार्रवाई किस मामले में की गई है और जांच के पीछे क्या वजह है, इसकी आधिकारिक पुष्टि देर रात तक नहीं हो सकी। टीम की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और उसके निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है।