बरेली। नगर निगम को आखिर लावारिस कुत्तों की याद आ ही गई। बुधवार को शहर में अभियान चलाकर 178 लावारिस कुत्तों को पकड़ा गया। बधियाकरण के बाद उनको शहर से दूर इलाकों में छोड़ा जाएगा। अभियान बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर घनी बस्तियों तक लावारिस कुत्तों का आतंक है। ये अक्सर हमला कर लोगों को घायल कर रहे हैं। बुधवार को नगर निगम की टीमों ने डेलापीर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, सुभाषनगर में अभियान चलाकर 178 कुत्तों को पकड़ा है। कृष्णानगर, हजियापुर, सीबीगंज, कालीबाड़ी में भी कई ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां लावारिस कुत्तों के झुंड लोगों में भय का कारण बने हुए हैं। इन इलाकों में बृहस्पतिवार को अभियान चलाया जाएगा।
-
कुत्ते बेचने और पालने वाले भी निशाने पर
नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराए बिना कुत्तों को पालने और बेचने वाले भी निशाने पर हैं। पालतू कुत्तों के हमलों के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। कैंट के नकटिया और कांधरपुर में पालतू कुत्तों के हमलों के मामलों में रिपोर्ट तक दर्ज कराई गई थी। बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ते बेचने और पालने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
250 बंदर पकड़ने की मिली अनुमति, डॉक्टर की तैनाती का इंतजार
नगर निगम को शहर के अलग-अलग इलाकों से 250 बंदरों को पकड़ने की अनुमति मिल गई है। वन विभाग और नगर निगम की ओर से खूंखार बंदरों को चिह्नित किया जा रहा है। वेटनरी डॉक्टर न होने के कारण बंदरों को पकड़ने के अभियान में देरी हो रही है। वेटनरी डॉक्टर की तैनाती के बाद ही अभियान शुरू किया जाएगा।