बरेली। किसान दिवस में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे आक्रोशित किसानों ने कहा कि जब अधिकारियों को नहीं आना था तो उन्हें क्यों बुलाया गया। उप निदेशक कृषि दीदार सिंह ने किसानों को समझाते हुए कहा कि बिजली कर्मचारियों का आंदोलन है। जिलाधिकारी एहतियाती इंतजाम कराने में व्यस्त है। जल्द ही कोई और तारीख रखकर किसान दिवस मना लिया जाएगा। बैंक, सिंचाई और गन्ना विभाग से संबंधित समस्याएं आईं। जिला गन्ना अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर और सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता ने जवाब दिए।
ये उठे सवाल
सरकार ऑर्गेनिग खेती, प्राकृतिक खेती, गो आधारित खेती को बढ़ावा देना चाहती है तो फिर रासायनिक उर्वरकों पर अनुदान क्यों दे रही है।
मूंग, उड़द, ढैंचा की जरूरत है, बीज मई-जून में मिलेगा तो किस काम। बीज का अनुदान विलंब से क्यों आता है। खनगावा श्याम में 10 वर्ष से किसान दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं निकला।
प्राकृतिक खेती के गुर सीखने के लिए किसानों को कुरुक्षेत्र भेजा गया था। लौटकर आए एक महीना हो गया, अभी तक इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ।
छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
हर सात किमी के दायरे में गेहूं क्रय केंद्र खोले जाएं।
बहेड़ी में किसानों की महापंचायत आज
बरेली। भारतीय किसान चौपाल के मंडल अध्यक्ष राकेश गंगवार ने बताया कि बहेड़ी चीनी मिल ने किसानों को 15 दिसंबर के बाद का भुगतान नहीं दिया। करीब 250 करोड़ रुपये किसानों के फंसे हुए हैं। किसान गन्ना समिति के कार्यालय के बाहर बृहस्पतिवार को सुबह पंचायत करके गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान देने की मांग बुलंद करेंगे। ब्यूरो