बरेली। मैसर्स पीके नमकीन की कमर्शियल बिल्डिंग के आगे अनधिकृत तौर से बनवाए गए छज्जे को लेकर यह संशय पैदा हो गया है कि यह निर्माण निजी भूमि पर है या सरकारी। प्रतिष्ठान मालिक की ओर से बीडीए के अधिकारियों को कुछ कागजात दिखाकर यह दावा किया गया है कि यह छज्जा सरकारी जमीन पर नहीं बना है। इसके बाद बीडीए उपाध्यक्ष ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाते हुए प्रतिष्ठान स्वामी को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
सिविल लाइंस (48-ए) में मैसर्स पीके नमकीन के प्रतिष्ठान की पैमाइश में बीडीए की टीम को बिल्डिंग के आगे सड़क की सीमा पर छज्जे का अवैध निर्माण कराया हुआ मिला था। बीडीए ने प्रतिष्ठान स्वामी जयप्रकाश को नोटिस देते हुए ध्वस्तीकरण के लिए 30 जनवरी की तिथि निर्धारित कर दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को मौजूद रहकर इस कार्रवाई को पूरा कराना था, जबकि प्रतिष्ठान स्वामी ने दो दिन पहले बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल को कुछ कागज दिखाकर यह दावा किया है कि बिल्डिंग के आगे बना छज्जा सरकारी नहीं, निजी भूमि पर है। हालांकि बीडीए के नक्शे में इस छज्जे के निर्माण की स्वीकृति नहीं ली गई है।
निर्माणकर्ता को अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया गया था। भवन स्वामी ने कुछ कागज दिखाए हैं, जिसकी तस्दीक किए बिना निर्माण तोड़ना उचित नहीं होगा। इसलिए निर्माण की पैमाइश दोबारा कराई जाएगी। अगर सरकारी जमीन नहीं मिली तो केवल कंपाउंडिंग की प्रक्रिया ही अमल में लाई जाएगी।
- दिव्या मित्तल, बीडीए उपाध्यक्ष