बरेली। फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल और मीरगंज विधायक डीसी वर्मा, दोनों पढ़ाई काल से ही गहरे दोस्त रहे। जीवन के अंतिम दिन भी दोनों ने एक-दूसरे से ठिठोली कर ली। फिर कुछ ही समयांतराल में प्रो. श्याम बिहारी लाल ने दुनिया से विदा ले ली।
विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि उनकी डॉ. श्याम बिहारी लाल से 44 साल पुरानी दोस्ती थी। साथ में पढ़े और साथ ही राजनीति में आए। पहला चुनाव 2007 में और दूसरा 2012 में हम दोनों हारे और फिर 2017 और 2022 में हम दोनों विधायक बने। डीसी वर्मा ने बताया कि उन्हें पशु चिकित्सा अधिकारी पद पर नौकरी मिल गई थी तो वह शाहजहांपुर के निगोही से वर्ष 1996 में बरेली आ गए थे। जबकि, डॉ. श्याम बिहारी लाल रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हो गए थे। वह वर्ष 1993 में शाहजहांपुर से बरेली आ गए थे।
डीसी वर्मा ने बताया कि उन्होंने 2006 में डॉ. श्याम बिहारी लाल के साथ तय किया कि अब राजनीतिक क्षेत्र में उतरा जाए। डीसी वर्मा ने 2006 में ही सरकारी नौकरी छोड़ दी और बसपा के टिकट पर मीरगंज से चुनाव लड़े थे, जबकि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने भाजपा के टिकट पर फरीदपुर से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में दोनों दोस्तों को हार मिली थी। वर्ष 2017 में दोनों भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बन गए थे।
मीरगंज विधायक बताते हैं कि वर्ष 1981 से 1985 तक शाहजहांपुर में जीआईसी हॉस्टल में एक कमरे में रहकर कक्षा-9 से 12 तक पढ़े। एक तख्त और एक बिस्तर पर लेटते थे। कभी मैं उनकी ड्रेस पहन लेता था तो कभी वह हमारे कपड़े पहन लेते थे। पढ़ाई के समय दोनों दोस्त आपस में खूब लड़ते-झगड़ते भी थे। विधानसभा में भी हमारी और डॉ. श्याम बिहारी लाल की सीट अगल-बगल ही थी। उनकी 35 और हमारी 36 नंबर सीट रही।
दिवंगत विधायक के छोटे भाई की पत्नी हैं भुता ब्लॉक प्रमुख
दिवंगत विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल दो भाइयों में बड़े हैं। छोटे भाई डॉ. श्रीपाल बदायूं जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी भुता ब्लाॅक की प्रमुख हैं। संवाद