बरेली। उपनिबंधक कार्यालय ने जिले में 96 बैनामों में दो करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की स्टांप चोरी पकड़ी है। इन मामलों में कुल दो करोड़ 65 लाख 36 हजार रुपये की स्टांप कमी सामने आई है। चोरी पकड़े जाने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी किए गए हैं।
वर्ष 2025-26 में अब तक करीब डेढ़ हजार रजिस्ट्री हुई हैं। उपनिबंधक विभाग ने इनमें से 753 बैनामों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान 96 लेखपत्रों में स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। इन सभी मामलों में कोर्ट में सुनवाई की जा रही है। साथ ही दोषियों से जुर्माने की वसूली भी की जाएगी। विभाग भूमि की रजिस्ट्री से आय बढ़ाने के लिए स्टांप शुल्क और उपनिबंधन शुल्क लेता है। भूमि की खरीद पर सर्किल दर के अनुसार स्टांप शुल्क लगाना अनिवार्य होता है। उच्च अधिकारी हर महीने लगाए गए स्टांप की जांच करते हैं।
जिलाधिकारी स्तर पर 18 लेखपत्रों के निरीक्षण में तीन में 33.45 लाख रुपये की स्टांप शुल्क कमी मिली। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 97 लेखपत्रों की जांच की। इसमें 11 में 60.52 लाख रुपये की कमी पाई गई। सहायक महानिरीक्षक के स्तर से 204 लेखपत्रों में 22 में 61.04 लाख रुपये की स्टांप कमी सामने आई। यह जांच प्रक्रिया आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए की जाती है।
सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में स्टांप चोरी
विभिन्न सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी स्टांप चोरी के मामले सामने आए हैं। सब रजिस्ट्रार प्रथम ने छह बैनामों में 14.96 लाख रुपये की कमी पकड़ी, जबकि सब रजिस्ट्रार द्वितीय ने 11 बैनामों में 14.82 लाख रुपये की चोरी पाई। बहेड़ी सब रजिस्ट्रार के पांच बैनामों में 12.43 लाख रुपये की कमी मिली। आंवला सब रजिस्ट्रार कार्यालय में नौ बैनामों में 49.58 लाख रुपये की बड़ी स्टांप शुल्क कमी उजागर हुई। फरीदपुर, नवाबगंज और मीरगंज के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी कुल 31 बैनामों में 30.99 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
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केस एक :- वर्ष 2024 में अजय कुमार अग्रवाल ने सिविल लाइन में 62 हजार वर्ग मीटर की भूमि करीब 120 करोड़ की लागत से खरीदी थी। जिलाधिकारी स्तर से जब स्थलीय निरीक्षण किया गया तो इसमें 12.50 करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी गई। इन्हीं के द्वारा ब्रह्मपुरा पूर्वी में इनकी तरफ से खरीदी गई भूमि में 12.46 करोड़ की स्टांप कमी पाई गई। मुकदमा दर्ज कर सुनवाई की जा रही है।
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केस दो :-राकेश कुमार चौधरी के नाम से नौगंवा में भूमि खरीदी गई। स्थलीय निरीक्षण में 2.40 करोड़ की स्टांप की कमी व 1.20 करोड़ का निबंधन शुल्क की कमी पकड़ी गई। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए सुनवाई की जा रही है।
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केस तीन :-प्रो. अवधेश कुमार पाठक ने एके कंस्ट्रक्शन के नाम से 2024 में फरीदपुर टोल प्लाजा पर भूमि खरीदी। इसमें 2.17 करोड़ की स्टांप कमी व 1.08 करोड़ के निबंधन शुल्क की कमी पकड़ी गई। मुकदमा दर्ज करके कोर्ट में सुनवाई की जा रही है।
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केस चार :- दिलीप कुमार गुप्ता ने 2025 में जौहरपुर में भूमि खरीदी। स्थलीय निरीक्षण में 27.82 लाख की स्टांप कमी व 3.97 लाख का निबंधन शुल्क की कमी पाई गई। मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया है।
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वर्जन ...
भूमि बैनामों के बिक्री के बाद अभिलेखों की जांच के लिए स्थलीय निरीक्षण किया जाता है। जिन बैनामों में स्टांप कमी पाई जाती है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए स्टांप एक्ट में कमी पाते हुए नोटिस जारी किया जाता है। मुकदमों की सुनवाई के दौरान स्टांप की कमी के साथ ब्याज, जुर्माना भी लगाया जाएगा। - अविनाश सिंह, डीएम