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निजी अस्पतालों के स्टाफ और मेडिकल स्टोर संचालकों का होगा पूल टेस्ट

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कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क पहने हुए बच्चा। - फोटो : PTI
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कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते सोमवार से कराई जाएगी सैंपलिंग, फिर होगा पूल टेस्ट

बरेली। कोरोना संक्रमण से बरेली शहर फिलहाल मुक्त हो गया है। पिछले दिनों यहां मिले कोरोना संक्रमित छह मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। मगर, कुछ ऐसे भी कोरोना संक्रमित होंगे जिन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका हो, लेकिन वे अस्पतालों या मेडिकल स्टोरों से दवाएं लेकर शहर में घूम रहे हों। ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग सोमवार से निजी अस्पतालों के पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल स्टोर संचालकों का पूल टेस्ट कराएगा।
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नोडल अधिकारी डॉ. रंजन गौतम के मुताबिक, कोरोना वायरस का संक्रमण किसी संक्रमित के संपर्क में आने से होता है। लॉकडाउन के चलते अगर कोई संक्रमित भले ही शहर में न घूम रहा हो लेकिन वह अपने परिवार और संपर्क में आने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा है। चूंकि लॉकडाउन में भी निजी अस्पताल और मेडिकल स्टोर खुले हैं। जहां इलाज और दवाएं लेने के लिए लोगों का आना-जाना बना हुआ है। ऐसे में गाइडलाइन के तहत अब निजी अस्पतालों के पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल स्टोर संचालकों का पूल टेस्ट कराने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार से टेस्ट के लिए सैंपल लेने शुरू हो जाएंगे।

क्या है पूल टेस्ट

इस टेस्ट के तहत एक साथ पांच लोगों के नाक और गले का स्लैब लिया जाता है। उनको मिलाकर सैंपल तैयार किया जाता है। इसके बाद इस सैंपल की जांच होती है। अगर सैंपल निगेटिव आता है तो पांचों व्यक्तियों को संक्रमण मुक्त माना जाता है। अगर पॉजीटिव आता है तो फिर पांचों का अलग-अलग सैंपल लेकर टेस्ट किया जाता है। आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार में पांच से अधिक लोगों का सैंपल लेकर टेस्ट करने पर नतीजे गलत आने की संभावना भी रहती है।
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