ग्रामीण ने बताया कि उनके मामले में दरोगा राजकुमार सिंह विवेचना कर रहे थे। दरोगा ने उन्हें धमकाया कि लखनऊ जाकर आयोग में शिकायतें खत्म नहीं कराईं तो ग्रामीण पर ही कार्रवाई हो जाएगी। दरोगा ने इसके बदले में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी। एक ढाबे पर उनसे मिलकर दबाव डाला। उन्होंने फिलहाल रुपये न होने से इन्कार किया तो दरोगा ने बैंक खाता नंबर भी दे दिया। कहा कि इसी खाते में रुपये डाल देना।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जवाब न दे सके दरोगा
जनसुनवाई में ग्रामीण की शिकायत के दौरान एसएसपी सभी थानेदारों से ऑनलाइन जुड़े थे। उन्होंने अलीगंज एसओ अजय शुक्ला से दरोगा के बारे में पूछा। संयोग से दरोगा राजकुमार सिंह थाने पर ही थे। एसएसपी ने जब दरोगा को शिकायतकर्ता का चेहरा दिखाया तो वह सामान्य परिचय होने की बात कहने लगे।
एसएसपी ने पूछा कि आपने इनसे खाते में रिश्वत मांगी है तो दरोगा के चेहरे पर पसीना आ गया। उसने इन्कार किया तो पूछा गया कि उनका बैंक खाता नंबर ग्रामीण को कैसे मिला। तब दरोगा ने कहा कि वह इनके सामने अपने घर पर बात कर रहे थे तो सुन लिया होगा। हालांकि सवालों में घिरते दरोगा बाद में निरुत्तर हो गए। तब एसएसपी ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
भ्रष्टाचार में तत्काल कार्रवाई
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि ग्रामीण की शिकायत पर जब दरोगा से जानकारी ली गई तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इससे लगा कि कहीं न कहीं वह दोषी हैं तो उन्हें निलंबित कर जांच बैठा दी गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है, आगे भी कोई ऐसा मामला पता लगा तो कार्रवाई निश्चित ही होगी।