सीओ ने दी थी धमकी
रिफाकत के मुताबिक सीओ ने धमकी दी थी कि अभी दो लाख नहीं दे रहे हो, फिर चार लाख खर्च करोगे तो भी वाहनों को नहीं छुड़ा पाओगे। रिफाकत के मुताबिक सीओ ने उनके कागजात देखने से भी मना कर दिया था। उनको मजदूरों के सामने ही सीओ ने बेइज्जत किया था।
प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी फंसी
सीओ ने कहा था कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान एसडीएम को सूचना दी थी। जबकि, एसडीएम ने अधिकारियों को बताया कि सीओ ने वाहन सीज करने के बाद उन्हें सूचना दी थी। कुछ दिन पहले रिफाकत के साथ जाकर कई ईंट भट्ठा मालिक डीएम से मिले थे। तब डीएम ने तहसीलदार व खनन अधिकारी को जांच सौंप दी थी। दोनों अधिकारियों ने जांच में रिफाकत का तर्क सही मानते हुए रिपोर्ट दी थी। डीएम ने इसी आधार पर दोनों वाहनों को छोड़ने का आदेश दिया था।