लाइन हाजिर कर दो साहब, प्रशिक्षण से कटवा दो नाम
प्रशिक्षण की अवधि तय न होने के साथ ही इसमें परेड व अन्य विभागीय काम लिए जाएंगे। इन पुलिसकर्मियों की दिनचर्या पर निगरानी व काम की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश आरआई को दिए गए हैं। इससे थानों में मलाई काट रहे स्टाफ में बेचैनी है। घबराया हुआ एक पुलिसकर्मी अपनी पत्नी के साथ एडीजी दफ्तर पहुंचा। उसने पीआरओ गीतेश कपिल से अनुरोध किया कि उसे साहब से मिलवा दें।
कहा कि चाहें तो उसे लाइन हाजिर कर दिया जाए पर प्रशिक्षण से नाम कटवा दिया जाए। पीआरओ ने उसे मुलाकात करने के लिए कप्तान से अनुमति लाने व वर्दी में आने को कहा। पुलिसकर्मी ने एक मंत्री को अपना खास रिश्तेदार भी बताया पर मुलाकात न हो सकी।
12 दरोगा व 176 पुलिसवालों को मिला काम
एसएसपी ने पुलिस लाइन में आराम फरमा रहे 12 दरोगा समेत 176 सिपाही व हेड कांस्टेबल को काम सौंपा है। इन सभी को अलग-अलग थानों में जिम्मेदारी दी गई है। कुछ दरोगा चौकी प्रभारी भी बनाए गए हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस लाइन में प्रशिक्षण कोई सजा नहीं है। इस दौरान कर्मचारी पुलिसिंग के नए तौर-तरीके सीखेंगे और शारीरिक रूप से ज्यादा फिट होकर आगे विभाग के लिए बेहतर काम कर सकेंगे। इनके बाद अन्य पुलिसकर्मियों को भी मौका दिया जाएगा।