बरेली। प्रगतिशील गन्ना किसानों ने वर्चुअल संवाद के जरिये प्रमुख सचिव चीनी उद्योग वीना कुमारी के साथ अनुभव साझा किए। बोआई की रिंग पिट विधि और सिंचाई की टपक सिंचाई पद्धति अपनाकर सहफसली से आमदनी बढ़ाने के तरीके बताए। कुछ किसानों ने समस्याएं भी गिनाईं। गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करने व छोटे ट्रैक्टर, रिंग पिट ट्रिगर व कृषि यंत्र अनुदान पर देने की मांग की गई। किसान बोले- लागत लगातार बढ़ रही है, पर गन्ना मूल्य तीन साल से नहीं बढ़ाया गया। उम्मीद है, अब दाम बढ़ेंगे।
बोले किसान-
हर वर्ष बढ़ाया जाए गन्ने का भाव
प्रगतिशील किसान जसवंत सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब में गन्ना मूल्य 391 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन यूपी में 350 रुपये ही है। हर वर्ष 10-20 रुपये भाव में इजाफा होना चाहिए। गन्ना भुगतान 14 दिन में ही किया जाए।
450 रुपये प्रति क्विंटल हो गन्ने का भाव
किसान बाज सिंह ने कहा कि दो महीने से गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन पर्ची पर कोई मूल्य नहीं लिखा जा रहा है। असमंजस बना हुआ है। किसान 450 रुपये भाव चाहते हैं। सी238 के स्थान पर नई प्रजाति विकसित की जाए।
10 माह में 19 बीघे खेत से कमाए तीन लाख रुपये
बरेली के शिवनगर के किसान शिवेंद्र नाथ चौबे ने रिंग पिट विधि से 19 बीघा खेत में गन्ने के साथ आलू, मटर, लहटा और धान की पैदावार ली। 10 महीने में 4.12 लाख रुपये की उपज बेची और तीन लाख रुपये कमाए।
महिला समूह ने तीन वर्ष में कमाए 28 लाख
अन्नपूर्णा स्वयं सहायता समूह की 21 महिलाओं ने तीन वर्ष में गन्ने की पौध तैयार करके 28 लाख रुपये कमाए। प्रति पौधा 2.60 रुपये में बेचा। कुल 58 लाख रुपये का गन्ना विभाग से मिले। अध्यक्ष कुसुम ने बताया कि आधी लागत रही और 28 लाख रुपये बचत रही।
(गन्ना आयुक्त से वर्चुअल संवाद के बाद किसानों ने दी जानकारी)