सार
बरेली के बुखारा मोड़ पर समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्ध आश्रम में कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जिन्हें उनके बेटों ने अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। इनमें एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनका बेटा करोड़पति हैं, लेकिन पति की मौत के बाद उन्हें घर में रखने से इनकार कर दिया।
पितृ पक्ष में लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण आदि करते हैं। वहीं, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने जीवित माता-पिता से मुंह मोड़ लिया है। बरेली के बुखारा मोड़ पर समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्ध आश्रम में मिली महिला ने बताया कि उनका बेटा करोड़पति है, लेकिन मां को रखने के लिए उसके घर में जगह नहीं है। इसीलिए वह वृद्ध आश्रम में रह रही हैं।
मूलरूप से शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला ने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा है। दोनों की शादी हो चुकी है। बेटी का पति सरकारी कर्मचारी है। बेटा एक कस्बे में किराने के सामानों का थोक व्यापारी है।
पति की मौत के बाद वह शहर में बेटी के साथ रह रही थीं। चार माह पहले बेटी ने उन्हें रखने से इन्कार कर दिया तो वह बेटे के पास पहुंचीं तो उसने घर में जगह न होने का हवाला देते हुए उन्हें रखने से इन्कार कर दिया। इस पर वह वृद्ध आश्रम में आकर रहने लगीं। इतनी बातें कहते-कहते उनकी आंखें नम हो गईं।