ऊर्जा मंत्री का एस्टीमेट के मुकाबले आधी लागत में टेंडर मंजूर करने की भी जांच का आदेश
बरेली। प्रदेश सरकार ने पॉवर कॉरपोरेशन में चल रहे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के मुताबिक जन्माष्टमी पर कई शहरों के लाखों घरों में बिजली गुल हो जाने की घटना के बाद कराई गई जांच में यह प्रोजेक्ट चलाने वाली एल एंड टी कंपनी के खिलाफ कई तथ्य मिलने पर यह कदम उठाया गया है। सोमवार को शहर पहुंचे ऊर्जा मंत्री ने बरेली एयरपोर्ट समेत कई जगह बड़े प्रोजेक्ट के एस्टीमेट के मुकाबले आधी लागत के टेंडर मंजूर किए जाने के मामलों में भी प्रबंध निदेशक को उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्देश दिया।
ऊर्जा मंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि प्रदेश भर में अब बिजली कनेक्शनों पर सामान्य मीटर लगाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी पर कई शहरों में बिजली गुल होना काफी गंभीर घटना थी। लाखों उपभोक्ताओं के परेशान होने के साथ इससे पॉवर कॉरपोरेशन की भी काफी बदनामी हुई थी। इसकी जांच में पता चला कि यह प्रोजेक्ट चलाने वाली एल एंड टी कंपनी के कंट्रोल रूम में गड़बड़ी की गई थी। हालांकि जांच अभी चल रही है लेकिन स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है। निजी कंपनियों को सिस्टम चलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। जांच प्रक्रिया में स्मार्ट मीटर कनेक्शन वाले घरों से फीडबैक भी लिया जा रहा है।
सर्किट हाउस से ही ऊर्जा मंत्री ने एस्टीमेट के मुकाबले आधी लागत के टेंडरों को मंजूर किए जाने के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्देश भी पॉवर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को दिया। दरअसल विधायक श्याम बिहारी लाल ने उनसे फरीदपुर में 220 केवी सबस्टेशन का निर्माण कार्य 52 प्रतिशत कम लागत पर आवंटित करने और वहां घटिया उपकरण लगाने की शिकायत की थी। इसके अलावा बरेली एयरपोर्ट पर भी सबस्टेशन का टेंडर 40 फीसदी कम लागत पर मंजूर करने का मामला उनके सामने उठाया गया।