बरेली। नगर निगम मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच घमासान खत्म होने के बाद सबकुछ ‘ठीक’ हो गया है। पहले निगम अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले मेयर भी अब खामोश हैं और उनकी दुखती रग को कुरेदने वाले नगर आयुक्त भी शांत हैं। अब अफसर सबकुछ भूलकर स्मार्ट सिटी के तहत मिले 60 करोड़ रुपये की प्लानिंग में जुटे हैं।
नगर निगम में मचे घमासान के बीच स्मार्ट सिटी के काम तेजी से चलते रहे। कमिश्नर और नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी बोर्ड की मीटिंग कर छह करोड़ रुपये से ओपन जिम, चार करोड़ से डेलापीर जंक्शन और एक करोड़ की राशि से पीआर ब्रांडिंग के प्रोजेक्ट का काम पूरा कर दिया है। इनके टेंडर भी हो चुके हैं और अब जल्दी ही काम शुरू कराने की तैयारी है। वहीं गांधी उद्यान में म्यूजिकल फाउंटेन सिस्टम वॉकिंग ट्रैक, डांसिंग फाउंटेन और शहर में ई-बाइक दौड़ाने के लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है। इसके लिए स्मार्ट सिटी की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी विभिन्न कंपनियों से संपर्क कर रही है।
किराए पर मिलेंगी ई-बाइक
पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए स्मार्ट सिटी में ई-बाइक संचालित होंगी, जो किराए पर एक स्टैंड से लेकर दूसरे स्टैंड पर छोड़ दी जाएंगी। इसके लिए किसी कंपनी से भी करार किया जा सकता है।
13 अगस्त को एडवाइजरी बोर्ड की बैठक
मेयर उमेश गौतम का कहना है कि एडवाइजरी बोर्ड की सहमति के बिना स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सकते हैं। 13 अगस्त को बैठक बुलाई गई है, जिसमें सारे प्रोजेक्ट पर चर्चा की जाएगी।