नोटों के असली होने का भी कर रहे हैं दावा
वेबसाइट नोटों की गड्डी समेत उसके असली होने का दावा भी कर रही हैं। नोट की प्रमाणिकता के लिए वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी देते हुए एक, पांच, दस, बीस रुपये के नोट पर आरबीआई के किस गवर्नर के हस्ताक्षर वाले नोट हैं, ये भी लिखा है। बैंक अफसरों का कहना है कि प्रत्येक कीमत के नोट का मूल्य निर्धारित होता है। उसकी ज्यादा कीमत नहीं ली जा सकती।
कई गुना दाम पर मिल रहे खास अंक के नंबर
सीरियल नंबर के नोट और खास नंबरों वाले नोटों की कीमत भी अलग-अलग रखी है। जैसे 786 नंबर वाले एक रुपये नोट की कीमत छह सौ रुपये, दस और 20 रुपये की एक-एक गड्डी सात-आठ हजार रुपये में देने का दावा है। आखिर में 111, 999 जैसे अंक वाले नोटों की कीमतें भी आठ से दस गुना ज्यादा हैं।
न खरीदें ऑनलाइन नोट, फर्जीवाड़े की आशंका
आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष सीए मोहित टंडन के मुताबिक, आरबीआई ने किसी वेबसाइट को नोट बिक्री की अनुमति नहीं दी है। ये फिशिंग वेबसाइट हो सकती हैं। लिहाजा, खरीदारी पर ठगी के शिकार हो सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट के बाद गड्डी न मिले, फटे नोट निकलें, नकली होंगे तो शिकायत भी नहीं कर सकेंगे। वित्तीय जानकार सीए विनय कृष्ण ने भी लोगों से ऑनलाइन नोटों की गड्डी न खरीदने का सुझाव दिया है।