तस्कर तैमूर भोला के खानदान पर विवेचक मेहरबान
फरीदपुर के गांव बेहरा निवासी चर्चित तस्कर तैमूर उर्फ भोला फिलहाल दिल्ली की जेल में है। वह एक लाख का इनामी था और बेहिसाब संपत्ति कमाकर उसे भाई-भतीजों व परिवार के अन्य लोगों के हवाले कर दिया। भोला का चाचा सरताज फरीदपुर कस्बे में पूर्व विधायक की कोठी के पास गैराज चलाता है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस व अन्य विभागों की गाड़ियों की मरम्मत इसी गैराज में होती है।
भोला के भाई सद्दाम और फरमान स्मैक के धंधे को आगे बढ़ा रहे हैं। पिछले दिनों मेरठ एएनटीएफ ने दबिश देकर स्मैक की बड़ी डील पकड़ी थी। दो तस्कर मौके से पकड़े गए थे, जबकि ये आरोपी फरार हो गए। टीम लगातार इनकी गतिविधियां पकड़ रही है, हालांकि बारादरी थाने के विवेचक आरोपियों पर करम बनाए हुए हैं और उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं जुटा पा रहे हैं।
उत्तराखंड में पकड़ा गया था बरेली का सिपाही
बरेली के कैंट थाने में तैनात सिपाही रविंद्र सिंह और दो छात्र उत्तराखंड के लालकुआं में एक किलो स्मैक के साथ पकड़े गए थे। सिपाही और दो छात्रों अर्जुन व मोरपाल की गिरफ्तारी भले ही उत्तराखंड में हुई हो, लेकिन इनकी डील शहर से सटे सीबीगंज इलाके में हुई थी। दोनों छात्र भी बरेली जिले के निवासी हैं और जल्दी रईस बनने के लिए उन्होंने यह धंधा शुरू किया था।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभाल ने बताया कि स्मैक तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन नए तस्करों के गैंग बनाए गए हैं, उनकी संपत्ति चिह्नित कर प्रशासन के समन्वय से जब्त की जाएगी। इनके अलावा जो और तस्कर प्रकाश में आएंगे, उनके खिलाफ भी गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। नए गैंग पंजीकृत किए जाएंगे।