सूत्रों के मुताबिक कल्लू डॉन के बारे में पुलिस को यह जानकारी भी मिली थी कि वह चुनाव में पत्नी को जिताने के लिए रुपया और शराब से लेकर महंगे उपहार तक बेहिसाब बांट रहा है। टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसकी जेब में सिर्फ डेढ़ सौ रुपये मिले। सूत्रों के मुताबिक बेहद शातिर किस्म का कल्लू जेब में रुपये रखने की बजाय दूसरे लोगों के पास ही रखवाता है।
महिला प्रत्याशी समेत कई अंडरग्राउंड
एसओजी की इस कार्रवाई के बाद कस्बे में सन्नाटा दिखाई दिया। स्मैक तस्करी में जेल जा चुकी दूसरी महिला प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार छोड़कर भूमिगत हो गई। साथ ही दागी छवि के कई सभासद पद के प्रत्याशी भी प्रचार छोड़कर किनारे हो गए हैं। गिरफ्तारी के बाद कस्बे में तरह-तरह की चर्चा हो रही हैं। कुछ लोग कार्रवाई को राजनीतिक से प्रेरित मान रहे हैं।
पुलिस व जेल प्रशासन ने रुचि नहीं दिखाई और जमानतियों के बगैर सत्यापन के कल्लू को छोड़ दिया। कल्लू ने ईद परिवार के साथ मनाई। इसी केस में पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना फरीदपुर थाने को दी गई थी, जिसमें गिरफ्तारी हुई है।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू भुता से स्मैक तस्करी के मामले में आरोपी था। इससे संबंधित गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना फरीदपुर थाने से हो रही है। उसी मुकदमे में कल्लू वांछित था, जिसे गिरफ्तार किया गया है।