बरेली में नवरात्र पर व्रतियों के मुख्य आहार कुट्टू के आटे से बनी कचौड़ी खाने से बृहस्पतिवार रात एक ही परिवार के छह सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में फूड प्वॉइजनिंग का पता चला। मरीजों मुताबिक, घर के पास की दुकान से आटा खरीदा था।
सुभाषनगर की गंगानगर कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय भगवान दास ने क्षेत्र की ही एक किराना दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था। व्रत के लिए कचौड़ी और आलू की सब्जी बनाई थी। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे खाया। डेढ़ से दो घंटे बाद एक-एक कर भगवानदास समेत पत्नी अखिलेशा, 18 वर्षीय बेटा हिमांशु, पांच वर्षीय वीर, 13 वर्षीय बेटी अनुष्का, 18 वर्षीय भतीजे सुखदीप की तबीयत बिगड़ने लगी।
उल्टी, दस्त, चक्कर आने लगे। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर के मुताबिक, इलाज जारी है। उन्हें अलग-अलग वार्डों में निगरानी में रखा गया है। फिलहाल सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। बताया कि इनके अलावा भी कई लोग पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे।
घर पर परखें शुद्धता
- हल्का भूरे रंग का होता है। मिलावटी आटे का रंग गहरा होगा।
- हल्की मीठी खुशबू होती है। पानी में नीचे बैठ जाता है।
- आटे में सेंधा नमक मिलाकर पानी में डालें, रंग नहीं बदलेगा।
- एफएसएसएआई लाइसेंस, पैकेजिंग लाइसेंस नंबर चेक करें।
- दो-तीन बूंद आयोडीन टिंचर डालें। नीला या काला रंग हो तो मिलावट है।
- कुट्टू के आटे की प्रकृति गर्म होती है। सीमित सेवन करें।