सबके मिले फोन रिकॉर्ड, मुकदमे में शामिल किए नाम
शुक्रवार को जेल भेजे आरोपियों में से अधिकांश के नाम मुकदमे में शामिल नहीं थे, इसलिए यह लोग बेखौफ होकर राजीव की मदद कर रहे थे। अचानक राजीव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटनाक्रम में शामिल लोगों के बारे में पूछताछ की। हालांकि राजीव ने इन्कार किया कि वह और उसके परिजन घटना में शामिल या मौके पर नहीं थे पर पुलिस की जांच में सभी दोषी हैं। इनकी मौके पर मौजूदगी व घंटों तक बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं।
राजीव पर पांच, बाकी पर दो-दो मुकदमे
राजीव राना के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से तीन मामले पहले से दर्ज हैं जबकि दो मुकदमे इस घटनाक्रम के बाद लिखे गए हैं। इनमें एक पुलिस और दूसरा आदित्य गुट की ओर से लिखा गया है। राजीव के भाइयों-बेटों व दिनेश के नाम इसी घटना के दोनों मुकदमे में शामिल किए गए हैं। राजीव का भाई संजय राना गोलीकांड का नामजद आरोपी है लेकिन अभी वह फरार चल रहा है। चर्चा है कि पुलिस को उसके बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
प्रापर्टी के कारोबार से जुड़ा है पूरा कुनबा
राजीव राना के बारे में बताया जाता है कि उसके बेटे और भाई समेत पूरा कुनबा प्रापर्टी के काम में लगा हुआ था। यह लोग विवादित भूखंड औने-पौने दाम में खरीद लेते थे और बाद में अच्छे दाम में बेच देते हैं। राजीव के साथ परिवार के लोग मकान बनाकर बेचने का काम भी करते हैं। प्रापर्टी के कारोबार से परिवार ने अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली थी।
अब पुलिस के रडार पर परिवार की संपत्ति आ गई है। रजिस्ट्री दफ्तर और तहसील से राजीव के परिवार वालों के नाम दर्ज संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस गैंगस्टर के तहत राजीव और उसके परिवारवालों के नाम वाली संपत्ति को जब्त करने में जुटी है।