फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: प्रयागराज जाएगी एसआईटी, मुकदमे से हटेगा अशरफ का नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बिथरी थाने में दर्ज मुकदमे के मुख्य आरोपी अशरफ की हत्या के बाद उसका नाम केस से हटाया जाएगा। इसके लिए बरेली से एसआईटी प्रयागराज जाकर अशरफ की मौत से संबंधित रिकॉर्ड जुटाएगी।
विज्ञापन

बिथरी चैनपुर थाने में सात मार्च को पुलिस की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें अशरफ ही मुख्य आरोपी था। आरोप था कि जेल के बाहर से अशरफ का साला सद्दाम व गुर्गा लल्ला गद्दी समेत कई लोग खाने-पीने के इंतजाम करते थे व अवैध मुलाकातें कराते थे। इन सभी का नाम भी केस में दर्ज हुआ था और दो जेल वार्डर गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।
अब अशरफ की मौत के बाद केस से उसका नाम हटाया जाएगा। इसके लिए केस की जांच कर रही एसआईटी प्रयागराज जाएगी। वहां अशरफ की मौत से संबंधित एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल करेगी। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि विवेचक व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद अशरफ का नाम हटाया जाएगा।
विज्ञापन


सद्दाम पर बढ़ेगा इनाम
अशरफ की हत्या के बाद बरेली पुलिस का फोकस उसके साले सद्दाम पर है। अतीक और अशरफ की मौत के बाद माना जा रहा है कि वह जान बचाने के लिए खुद भी सरेंडर कर सकता है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि जल्द ही सद्दाम पर घोषित इनाम को 25 से बढ़ाकर 50 हजार करने की तैयारी है। बिथरी में रिपोर्ट सात मार्च को दर्ज की गई थी। इससे 90 दिनों के भीतर सद्दाम नहीं मिला तो चार्जशीट पेश कर दी जाएगी। पार्ट बी में सद्दाम की तलाश व विवेचना जारी रहेगी।

लल्ला गद्दी की हिस्ट्रीशीट खुलेगी
बिथरी थाने में दर्ज मुकदमे में बारादरी थाना क्षेत्र के चक महमूद निवासी लल्ला गद्दी भी आरोपी है। इन दिनों वह जिला जेल में बंद है। मारपीट व रंगदारी के कई मामलों में उसका नाम जोड़कर पुलिस अब उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। सीओ थ्री की संस्तुति के बाद फाइल एसएसपी के हवाले कर दी गई है। वह जल्द ही हिस्ट्रीशीट खोलने की अनुमति दे सकते हैं। बाद में गैंगस्टर के मामले में लल्ला व उसके साथियों पर रिपोर्ट लिखकर इनका गैंगचार्ट बनाने की भी तैयारी की जा रही है।
जेल में खुशी और मातम का मिलाजुला माहौल
सूत्रों के मुताबिक जिला जेल (केंद्रीय कारागार-2) में अशरफ की सूनी बैरक देखकर कई बंदियों ने गम का इजहार किया। जेल के अधिकांश बंदियों के खाने-पीने का अशरफ खास ख्याल रखता था। इस लिहाज से कई बंदी उससे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। अधिकांश ने दोपहर का भोजन नहीं किया। कई जेल स्टाफ को भी वह आर्थिक रूप से मदद करता था, तो उनमें भी गम का माहौल है। हालांकि तमाम बंदी इस घटनाक्रम का समर्थन भी कर रहे हैं। जेल के अहाते में लगे टीवी पर लगातार बंदी प्रयागराज से जुड़े समाचार देखते रहे। कई ने अखबार भी मंगाकर पढ़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें