इस तरह किया जा रहा खेल
संविदा चालक को प्रति किलोमीटर 1.89 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। 22 दिन में पांच हजार किलोमीटर बस चलाने पर चालक को तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अगर कोई बस दूसरे स्टेशन पर रात में रुकती है तो चालक को उसका भत्ता दिया जाता है। कुछ जुगाड़ू और अधिकारियों के चहेते चालकों को लगातार ड्यूटी दी जाती है। जिम्मेदार अधिकारी यात्रियों की जान की परवाह किए बिना मुख्यालय के आदेश और नियमों को भी दरकिनार कर रहे हैं।
लंबी दूरी की बसों पर अमूमन दो चालकों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है। चालकों की कमी होने पर एक ही चालक को रिपीट कर दिया जाता है। इन दिनों कुछ बसों पर एक चालक हैं। कुछ चालक आपस में समझौता भी कर लेते हैं। ड्यूटी समयपाल लगाता है। अगर कहीं नियम विरुद्ध कार्य हो रहा है तो उसे दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड डिपो