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खतरे में यात्रियों की जान: कोहरे के सीजन में भी एक ही चालक 1200 किमी तक चला रहा बस, जानें क्या है नियम

Thu, 05 Dec 2024 05:45 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

Bareilly News: रोडवेज में नियम दरकिनार कर लंबी दूरी की बसों पर ड्यूटी लगाने में खेल किया जा रहा है। कोहरे का सीजन चल रहा है, इसके बावजूद एक ही चालक 1200 किमी तक रोडवेज बस दौड़ा रहा है। 
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सेटेलाइट बस अड्डे पर खड़ीं बसें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोहरे के सीजन में भी परिवहन निगम के अफसर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह बने हुए हैं। बरेली में नियमों को दरकिनार कर बसों पर चालकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। एक चालक 18-19 घंटे तक बस चला रहा है। एक ही चालक 1,200 किलोमीटर तक बस दौड़ा रहा है। गनीमत है कि अब तक कोई हादसा नहीं हुआ। नियमानुसार, 600 किलोमीटर या इससे ज्यादा सफर तय करने वाली बसों पर दो चालकों की तैनाती की जानी चाहिए। इसके बावजूद 1200 किलोमीटर तक एक ही चालक से बस चलवाई जा रही है। 

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रुहेलखंड डिपो की बस संख्या 0291, 3599, 6815, 9440 समेत लंबी दूरी की आठ बसें हैं। इनका संचालन अजमेर, चंडीगढ़, जयपुर, टनकपुर, दिल्ली और देहरादून रूट पर किया जाता है। ये बसें अप-डाउन मिलाकर 650 से 1200 किमी तक का सफर तय करती हैं। इन बसों पर एक ही चालक को भेजा जा रहा है।

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लंबी दूरी की सभी बसें यात्रियों से भरी रहती हैं। इन दिनों बरेली और रुहेलखंड डिपो के बेड़े की बमुश्किल 70 फीसदी बसों का ही संचालन हो रहा है। इन दोनों डिपो के पास चालकों की संख्या भी पर्याप्त है। इसके बाद भी सर्दियों और कोहरे के सीजन में लंबी दूरी की बसों पर एक ही चालक को भेजकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

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इस तरह किया जा रहा खेल 
संविदा चालक को प्रति किलोमीटर 1.89 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। 22 दिन में पांच हजार किलोमीटर बस चलाने पर चालक को तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अगर कोई बस दूसरे स्टेशन पर रात में रुकती है तो चालक को उसका भत्ता दिया जाता है। कुछ जुगाड़ू और अधिकारियों के चहेते चालकों को लगातार ड्यूटी दी जाती है। जिम्मेदार अधिकारी यात्रियों की जान की परवाह किए बिना मुख्यालय के आदेश और नियमों को भी दरकिनार कर रहे हैं।

लंबी दूरी की बसों पर अमूमन दो चालकों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है। चालकों की कमी होने पर एक ही चालक को रिपीट कर दिया जाता है। इन दिनों कुछ बसों पर एक चालक हैं। कुछ चालक आपस में समझौता भी कर लेते हैं। ड्यूटी समयपाल लगाता है। अगर कहीं नियम विरुद्ध कार्य हो रहा है तो उसे दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड डिपो

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