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धार्मिक नारे लगाए, कहा- इस्लाम से खारिज इस औरत को खत्म कर दो

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पुलिस को तहरीर देकर लौटतीं निदा खान। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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निदा ने दी तहरीर, शीरान और उसके परिवार ने उकसाया तो सैकड़ों लोगों की भीड़ ने किया जानलेवा हमला

छह लोग नामजद, ढाई सौ अज्ञात, बोलीं- पुलिस न बचाती तो जाने क्या होता

बरेली। आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा खान ने देर रात हुए घटनाक्रम के बाद सनिवार को शीरान रजा खां और उनके परिवार के छह लोगों को नामजद करते हुए थाना बारादरी में तहरीर देकर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। तहरीर के मुताबिक शीरान की दूसरी शादी की खबर पर वह पहुंची तो उसके और उसके परिवार के उकसावे पर दो-ढाई सौ लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान धार्मिक नारे लगाते हुए इस्लाम से खारिज बताते हुए भीड़ को उन्हें खत्म कर देने के लिए उकसाया गया। ऐन मौके पर पुलिस न बचाती तो भीड़ उनकी हत्या करने पर आमादा थी।
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तीन तलाक पीड़िताओं की मदद करने वाली आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान ने शनिवार को थाना बारादरी जाकर सब इंस्पेक्टर सिद्धार्थ गोस्वामी को तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि उनका निकाह 2015 में शीरान रजा खां के साथ हुआ था। अच्छा-खासा दहेज देने के बाद भी ससुराल वालों का लालच खत्म नहीं हुआ। वे डस्टर कार के साथ और दहेज की मांग करने लगे। उन्हें मारपीट करने के साथ भूखा प्यासा रखा जाने लगा। मारपीट से ही उनका गर्भपात तक हो गया। तभी से उनके और शीरान के बीच मुकदमा चल रहा है। शुक्रवार रात उन्हें पता लगा कि उनका पति शीरान तहसीनी मियां की मजार के पास कांकरटोला के एक मुरीद की बेटी से दूसरा निकाह कर रहा है।
निदा के मुताबिक वह कुछ महिलाओं के साथ पहुंचीं तो पता लगा कि निकाह एक-दो घंटे पहले ही हो चुका था। रुखसती बाकी रह गई है। वहां शीरान, उसके पिता अंजुम मियां उर्फ उस्मान रजा खां, भाई ईकान, जकी, सिम्मी और मून समेत करीब ढाई लोगों की भीड़ थी। शीरान और उसके परिवार वालों ने भीड़ को भड़काया। कई फतवे जारी करने के बाद भी उनके बाज न आने की बात कहते हुए उन्हें खत्म कर देने को कहा। भीड़ उन्हें जान से मारने के लिए हमलावर होने लगी। धार्मिक नारे लगाते हुए भीड़ में उन्हें इस्लाम से खारिज बताते हुए खत्म कर दिए जाने की धमकियां दी गईं। दहशत के इसी माहौल में पुलिस पहुंची तो शीरान और उनके परिजन भाग निकले। पुलिस किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाकर बाहर लाई। निदा ने तहरीर में अपने ससुराल वालों को कट्टरपंथी बताते हुए कहा है कि ये लोग धार्मिक उन्माद फैलाने का काम करते हैं और उनकी हत्या को कोशिश भी की है। बाद में भी उनकी हत्या कराई जा सकती है। वह दहशत में हैं।
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निदा की तहरीर थाने तक आने की जानकारी नहीं है। अगर उन्होंने किसी को नामजद करके तहरीर दी है तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। आरोपों की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एएसपी

तीन दिन में गिरफ्तारी न हुई तो करूंगी आमरण अनशन

बरेली। निदा ने शनिवार को एक प्रैस कॉन्फ्रेंस बुलाकर शीरान और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाने के साथ यह भी कहा कि पुलिस पर भी उनका दबाव है। निदा ने चेतावनी दी कि अगर उनकी तहरीर पर पुलिस ने तीन दिन में रिपोर्ट दर्ज कर शीरान समेत नामजद लोगों को गिरफ्तार न किया तो उनके सामने आमरण अनशन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
निदा ने कहा कि पांच साल में शीरान ने उन पर बहुत सितम ढाए हैं। कोर्ट ने उसके तलाक का दावा फर्जी बताकर खारिज कर दिया लेकिन शीरान अब भी यह दावा नहीं छोड़ रहा। तलाक मानते हैं तो उन्हें दहेज और मेहर लौटाकर हक वापस क्यों नहीं देते। हक मांगती हैं तो शीरान फर्जी फतवे जारी कराते हैं और अपने मुरीदों से धमकी दिलवाकर फर्जी केस लगवा देते हैं। कभी सिर काटने का फतवा होता है तो कभी चोटी काटने पर इनाम घोषित किया जाता है। एक ओर जहां मोदी सरकार तीन तलाक विरोधी कानून और बेटी बचाओ जैसी योजनाओं से महिलाओं को उनका हक दिलाने में लगी है, वहीं शीरान और उनके जैसे लोग पुरुष प्रधान समाज के हिमायती हैं और महिला उत्पीड़न को अधिकार समझते हैं। निदा ने कहा कि पुलिस ने तीन दिन में रिपोर्ट लिखकर शीरान की गिरफ्तारी नहीं की तो वह तीन मार्च से आमरण अनशन करेंगी।

शीरान और उसके परिवार पर 12 केस, फिर भी गिरफ्तारी नहीं

निदा का कहना है कि शीरान और उनके परिवार के खिलाफ वह सात मामले दर्ज करा चुकी हैं। बाकी कोर्ट केस को मिलाकर कुल 12 केस हैं। कई में चार्जशीट भी दाखिल हो गई है पर गिरफ्तारी या कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। पुलिस उनकी रिपोर्ट तो लिखती है पर दो साल में चार्जशीट लगाती है। वह क्या करें, समझ नहीं आता। आईटी एक्ट के मामले में आरोपी लड़का दोबारा से आईडी खोलकर मेसेज करने लगा है। पुलिस ने उसे भी नहीं पकड़ा है। पुलिस उन्हें बता दे कि ये लोग कानून से ऊपर हैं तो वह रिपोर्ट कराना ही बंद कर देंगी।

शीरान के पिता बोले- हमें कुछ नहीं कहना

शीरान के पिता मौलाना उमर रजा खां उर्फ अंजुम मियां से निदा के आरोपों की बाबत पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। शीरान का पक्ष जानने के लिए उन्हें भी कई बार कॉल किया लेकिन हर बार उनका नंबर स्विच ऑफ बताता रहा।
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