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कबाड़ में तब्दील हुई दुकानें, दूसरे दिन भी उठता रहा धुआं

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फर्नीचर बाजार में दूसरे दिन भी उठता रहा धुंआ। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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प्लास्टिक और बांस-बेंत के फर्नीचर से भरी दुकानों में आग बुझाने का नहीं था कोई इंतजाम
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रात भर नहीं सोये दुकानदार और उनके परिवार, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

बरेली। कुमार टाकीज के पास फर्नीचर मार्केट में बृहस्पतिवार की रात लगी आग बुझाने के बावजूद शुक्रवार को दिन में भी वहां से लगातार धुआं उठता रहा। छोटी सी जगह में स्थित बांस-बेंत और प्लास्टिक फर्नीचर से भरी दुकानों में आग बुझाने का भी कोई इंतजाम नहीं था। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी थी तो आग के विकराल रूप लेेने से पहले किसी को भनक तक नहीं लगी और फिर पूरा बाजार खाक हो गया। इसी गम और दहशत में इन दुकानदारों के परिवार पूरी रात नहीं सोये और महिलाएं नुकसान को देखकर बिलखती रहीं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
बृहस्पतिवार रात फर्नीचर मंडी में आग लगने के बाद रात भर वहां के लोग सोये नहीं। हर किसी को बस एक ही चिंता थी कि अब परिवार कैसे चलेगा। घरों में महिलाएं बिलख रही थीं। शुक्रवार को दिन निकलते ही लोग फर्नीचर मंडी पहुंच गए, वहां हर ओर बस लोहे और टिन का कबाड़ नजर आ रहा था। आग में प्लास्टिक और लकड़ी का सारा फर्नीचर जलकर मलबे में तब्दील हो गया था। हर आदमी बस आजीविका की चिंता कर रहा था क्योंकि इनमें से किसी दुकान का बीमा भी नहीं है। इकराम मियां का फर्नीचर गोदाम भी जलकर खाक हो गया। शुक्रवार दोपहर बाद तक उसमें से रुक रुक कर धुआं उठता रहा। लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और वहां आग बुझाने के भी इंतजाम भी नहीं थे।

तीन महीने में दो झटके

आजम नगर निवासी मोईन कुरैशी ने बताया कि तीन महीने पहले उनके सराय खाम स्थित गोदाम में आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ था। इसके बाद कर्ज लेकर यहां कारोबार बढ़ाया और अब आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब रोजी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
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यहां तो सब कुछ तबाह हो गया
फर्नीचर कारोबारी इकराम मियां ने बताया कि आग के कारण शुक्रवार को भी जले सामान से धुआं निकल रहा था। बताया कि सुबह से वह कई बार पानी डाल चुके हैं लेकिन आग भी सुलगने लगती है। बोले सारा कारोबार चौपट हो गया है, अब तो रोजी-रोटी भी मुश्किल हो जाएगा।

सुबह मंगाया था फर्नीचर, रात में खाक हो गया

राजू का प्लास्टिक फर्नीचर का वहां पर बड़ा काम था। बकौल राजू, दुकानों पर सप्लाई के लिए उन्होंने बृहस्पतिवार की सुबह ही एक ट्रक फर्नीचर मंगवाया था, लेकिन रात को लगी आग में सब खाक हो गया। बताया कि लॉकडाउन में खत्म हुआ बीमा भी दोबारा नहीं करा मिला।

पिघलकर गिरा चार मंजिल भवन का पाइप

फर्नीचर मार्केट में लगी आग की तपिश सड़क के दूसरी ओर भी पहुंच रही थी। इससे उठ रही ऊंची लपटों की तपिश से सड़क के दूसरी ओर बनी बिल्डिंग की चौथी मंजिल तक लगे सैनेटरी पाइप पिघलकर नीचे गिर गए। कई दुकानों के साइनबोर्ड भी जल गए।

प्रशासन से मांगा मुआवजा

बृहस्पतिवार रात लगी आग में मो. सिराज, कुदरत उल्ला, मो. जावेद, मो. परवेज, मो. जुबैर, ताजीन, अलाउद्दीन, इकराम मियां, मोईन कुरैशी, अनवर अली, मो. उस्मान, इकराम, अजीम आदि की दुकानें जली हैं। इन लोगों ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। सभी का कहना है कि उनकी दुकान में लाखों रुपये का सामान जल गया है।

अगले दिन भी नहीं आई बिजली

आग के चलते कुमार टाकीज के आसपास के इलाके की बृहस्पतिवार रात ही बिजली काट दी गई थी। आग से इन दुकानों समेत आसपास की दुकानों में बिजली सप्लाई के तार भी जल गए। इस वजह से शुक्रवार शाम तक इस इलाके में बिजली सप्लाई शुरू नहीं की गई।

दुकानें बंद थीं और आग अंदर ही अंदर सुलगती रही। किसी व्यक्ति को वहां आते-जाते भी नहीं देखा गया। ऐसे में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। स्पष्ट कारण जांच के बाद ही पता लग सकेगा।- रवीश चंद्र, एफएसओ

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