तांत्रिक बोला था- बहन की मौत में महिला का हाथ
इकलौती बहन की मौत से सार्थक के दिमाग में यह बैठ गया कि उसकी हत्या रूपवती ने की है। यह बात उसके दिमाग में तब और घर कर गई, जब तांत्रिक जगदीश ने उसकी बहन की मौत में किसी महिला का हाथ होने की बात कही। इस पर सार्थक ने बदला लेने की ठान ली। उसने सिकलापुर मिट्ठूमल चौक निवासी सागर और मठ की चौकी निवासी निखिल चंद्रा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
बारादरी इलाके के संजयनगर में बरातघर के पास नॉनवेज का ठेला लगाने वाली रूपवती 16 नवंबर की रात जब घर लौट रही थीं तो बाइक सवार सागर और निखिल वहां पहुंचे। वहां सार्थक पहले से ही खड़ा था। उसके इशारे पर निखिल ने रूपवती की पीठ पर गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद बाइक सवार आरोपी फरार हो गए। सार्थक भी वहां से चला गया। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने सार्थक और सागर को गिरफ्तार कर लिया।