निकाह के दो महीने बाद ही शौहर ने शहनाज को भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हुए देख लिया। इस पर शौहर और ससुरालवालों ने विरोध किया। इसे लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया। शौहर ने नाराज होकर शहनात को तीन तलाक दे दिया। उसने शौहर और ससुराल वालों को समझाने को प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद शहनाज मायके में रहने लगी। मायके में रहने के दौरान गांव के ही बचपन के साथी पवन से उसकी मुलाकात हुई।
शहनाज ने पवन से अपना दर्द साझा किया। पवन ने हमदर्द बनकर उसका साथ देने का फैसला कर लिया। सोमवार को पवन और शहनाज बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। यहां शुद्धीकरण के बाद शहनाज ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पवन से शादी कर ली। दोनों ने सात फेरे लेकर साथ रहने का संकल्प लिया। पंडित केके शंखधार ने दोनों का विवाह कराया। शादी के बाद शहनाज और पवन ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है।