शाहजहांपुर के नगरिया मोड़ पर जली अवस्था में मिली छात्रा की स्थिति में अब काफी सुधार नजर आ रहा है। रविवार को उसने दाल और दलिया भी खाई। उसकी स्थिति में सुधार से परिवार खुश है। वहीं पुलिस ने हिरासत में लिए पीड़िता के रिश्तेदार को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
22 फरवरी को नगरिया मोड़ के पास राईखुर्द गांव के करीब एक खेत में एसएस कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा जली हुई अवस्था में मिली थी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर रात में ही छात्रा को लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था।
लखनऊ में छात्रा ने बयान दिए थे कि उसे कॉलेज में पढ़ने वाली सहेली पिंकी ने बाहर मिलने के लिए बुलाया था। जब वह बाहर निकली तो कुछ दूर चलने पर कॉलेज में पढ़ने वाले सुभाष, मनीष और पिंकी का फुफेरा भाई राजू मिल गए। तीनों उसे वारदातस्थल पर ले गए और दुष्कर्म का प्रयास किया।
विरोध करने पर केरोसिन डालकर जला दिया। पुलिस ने पिंकी, राजू, मनीष और सुभाष को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया था। पीड़िता के पिता ने बताया कि छात्रा की हालत में अब काफी सुधार है। वह बात कर पा रही है। उसने रविवार को पतली दलिया और दाल भी खाई। उम्मीद है कि जल्द उसकी जिंदगी पहले जैसी हो जाएगी।
पिता ने बताया कि उसके रिश्तेदार को पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिन से बैठा रखा था। पुलिस ने उसे अब छोड़ दिया है। बिटिया ने जिन आरोपियों के नाम लिए थे, उन्हें जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस बिना वजह अन्य लोगों को परेशान न करे।
छात्रा के बयान काफी अहम हैं। पुलिस अभी जांच कर रही है इसलिए लोगों से पूछताछ भी होगी। परिस्थितिजन्य सुबूत जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-एस आनंद, पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर