बरेली। नामचीन कंपनियों के एक्सपायर बेबी ऑयल, परफ्यूम, लोशन, फेयरनेस क्रीम, लोशन आदि पर रिलेवलिंग कर उनको बाजार में खपाने के आरोपी सीतापुर निवासी करन साहनी के खिलाफ बारादरी पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ता अनिल द्विवेदी के मुताबिक, जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। ब्यूरो
-
करन साहनी पर लगी धाराएं और उनमें सजा का प्रावधान
बीएनएस 318(4) : धोखाधड़ी और बेईमानी करना। सात साल तक की सजा व जुर्माना।
बीएनएस 338 : मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी करना। 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माना।
बीएनएस 340(2) : जाली दस्तावेजों या इलेक्ट्राॅनिक रिकॉर्ड का असली के रूप में इस्तेमाल। इसमें उसे उसी तरह दंडित किया जाएगा, जैसे कि उसने वह जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाया हो।
ट्रेडमार्क अधिनियम 1993 की धारा 103 : किसी ट्रेडमार्क या व्यापार विवरण को गलत तरीके से वस्तु या सेवा पर लगाना। तीन साल तक की सजा और दो लाख तक जुर्माना।
ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 104 : झूठे ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर सामान बेचना, छह माह तक की जेल, 50 हजार रुपये जुर्माना।
कापीराइट अधिनियम संशोधित 1957 की धारा 63 : जानबूझकर कापीराइट का उल्लंघन करना, छह माह से लेकर तीन साल तक की सजा व जुर्माना।
कापीराइट अधिनियम संशोधित 1957 की धारा 65 : फर्जी प्रतियां बनाने के लिए उपकरण या मशीन कब्जे में रखना, दो साल तक की सजा व जुर्माना।