पुलिस लाइन में जांच कराता सिपाही।
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18 पुलिसकर्मियों और उनके बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत, अब एसओजी की रिपोर्ट का इंतजार
बरेली। पुलिस लाइन में रहने वाली महिला कांस्टेबल के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद पड़ोस में रहने वाले एसओजी के सिपाही और उनके परिवार समेत 18 लोगों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने से पुलिस विभाग को काफी राहत मिली है। हालांकि एसपी क्राइम को संक्रमण कैसे हुआ? यह अभी तक पता नहीं चल सका है। एसओजी टीम की रिपोर्ट बुधवार तक आने की उम्मीद है।
एसपी क्राइम को कोरोना होने के बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस भी अपनी ओर से एसपी क्राइम के संक्रमण की चेन खोजने में लगी है। पुलिस लाइन में महिला कांस्टेबल के घर पड़ोस में रहने वाले एसओजी के सिपाही और उनके परिवारों का आना जाना था। लिहाजा महिला कांस्टेबल में कोरोना की पुष्टि होते ही संबंधित एसओजी सिपाही, उनकी पत्नी, बच्चों और फालोअर के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। उस वक्त एहतियातन एसपी क्राइम ने भी सैंपल दे दिया था। लंबे समय से जिले में पुलिस विभाग के कोरोना नियंत्रण नोडल अधिकारी के रूप में काम कर रहे एसपी क्राइम को अवकाश पर घर जाना था सो उन्होंने विशेष अनुरोध करके अपनी रिपोर्ट पहले मंगा ली जो पॉजिटिव आई।
मंगलवार सुबह लखनऊ से बरेली के 311 लोगों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली। इनमें से 18 लोग पुलिस लाइन के थे। एसओजी सिपाही समेत दूसरे स्टाफ की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है, इसके बाद यह तो तय हो गया कि एसपी क्राइम को सिपाही से या पुलिस लाइन के स्टाफ से संक्रमण नहीं हुआ। सोमवार को एसओजी टीम ने परीक्षण कराया था। इसकी रिपोर्ट बुधवार तक आने की उम्मीद है। एसपी क्राइम में संक्रमण की चेन का इससे पता लग सकता है। वैसे कयास लगाया जा रहा है कि पूरे लॉकडाउन में जनशिकायतों की सुनवाई एसपी क्राइम ने की, शायद संक्रमण किसी बाहरी शिकायतकर्ता से हो गया हो।
निगेटिव रिपोर्ट आई तो छंटी भीड़, केवल 28 ने कराई जांच
बरेली। सोमवार को पुलिस लाइन में स्वास्थ्य विभाग की टीम केवल 50 पुलिसवालों के सैंपल ही ले सकी थी। लोगों में कोरोना की दहशत थी और पुलिस परिवारों की महिलाएं व बच्चे भी काफी संख्या में टेस्ट कराने आए थे। इन्हें मंगलवार को बुलाया गया था। मंगलवार को लखनऊ से पुलिस लाइन के 18 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई तो लोगों का डर काफी हद तक दूर हो गया। कुल 50 लोगों के टेस्ट होने थे। इनमें से 28 ही पहुंचे। बाकी बुलाने पर भी नहीं आए। स्टाफ के अलावा पुलिसवालों के परिवार के लोगों ने भी टेस्ट कराया।
दफ्तर फिर सूने रहे, पुलिसवालों ने ली शिकायतें
एडीजी को छोड़कर बाकी अधिकारी मंगलवार को भी दफ्तर में नहीं बैठे। डीआईजी और एसएसपी सेल्फ क्वारंटीन हकर आवास से ही काम निपटा रहे हैं। बेहद जरूरी मामलों में ही अधिकारी लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। दफ्तरों का काफी स्टाफ भी होम क्वारंटीन है। दोनों जगह चुनिंदा स्टाफ है जो शिकायतें लेकर थानों पर कॉल करके समस्या समाधान करा रहा है। पुराने मामलों में शिकायत जांच से भेजने की सलाह दी जा रही है।