पति के शहीद होने का गम जज्ब कर रुचि ने उसी को अपना हौसला बना लिया। बरेली की इस बेटी ने अपने जज्बे से विपत्तियों के पहाड़ को लांघकर देश की सेवा की राह तय कर ली। वह सेना में अधिकारी बन गई हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने चेन्नई की आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट का ओहदा पा लिया है। सफलता पर बेटी को बधाई देने के लिए यहां से रुचि के मम्मी-पापा रविवार को देहरादून पहुंच गए।
रुचि के मम्मी-पापा शहर की महानगर कॉलोनी में रहते हैं। कोआपरेटिव में मैनेजर के पद से रिटायर उनके पापा सुधीर सक्सेना बरेली के ही मूल निवासी हैं। उन्होंने बताया कि बेटी ने यह मुकाम अपनी हिम्मत और जज्बे से पाया है। उनकी मम्मी प्रमिला सक्सेना बोलीं- बेटी पर हमें गर्व है। अप्रैल 2013 में नॉर्थ ईस्ट में हुई आतंकी मुठभेड़ में 19 डोगरा रेजीमेंट में तैनात रुचि के पति मेजर विनीत वर्मा शहीद हो गए थे। विनीत फरीदाबाद के निवासी थे। पति की शहादत रुचि को देश सेवा के लिए प्रेरित कर गई और उन्होंने पेंशन लेने के बजाय सेना में भर्ती होने का फैसला परिवार को सुना दिया। अपने चार साल के मासूम बेटे अक्षत वर्मा की परवरिश के साथ ही उन्होंने सेना की तैयारी शुरू कर दी। पिछले साल उन्होंने सेना के विशेष कोटे से ओटीए चेन्नई में एंट्री पाई थी। लेफ्टिनेंट रुचि का कहना है कि पति की शहादत ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्हें लगा कि सेना में जाकर वह अपने पति को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकती हैं। रुचि की शुरुआती पढ़ाई बरेली में ही हुई लेकिन पिता के तबादले की वजह से उनकी मीडियम और हायर एजूकेशन लखनऊ और गाजियाबाद में हुई।