दिल्ली से आए उत्तर रेलवे के जीएम ने जंक्शन के एक-एक प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने हर कार्यालय में जाकर वहां के स्टाफ से सेवाओं के बारे में जानकारी ली। खामियों को पकड़ा और इनमें सुधार के निर्देश दिए।
महाप्रबंधक एके कोठिया रविवार दिन में पौन बजे गुवाहाटी एक्सप्रेस में लगे अपने स्पेशल सैलून से जंक्शन पहुंचे। उनके साथ डीआरएम सुधीर अग्रवाल और सीनियर डीओएम मनोज कुमार शर्मा भी थे। यहां स्थानीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे कार से रामगंगा रवाना हो गए। वापसी में करीब सवा दो बजे फिर जंक्शन आए और यहां निरीक्षण किया। उन्होंने पहले कैंटीन देखी। नई कैंटीन में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। फिर पार्सल घर पहुंचे। यहां माल कम और भवन काफी बड़ा देखकर कहा कि बुकिंग में कंजूसी करते हो क्या? जवाब में स्टाफ सकपका गया तो बड़े अफसरों ने बात संभाली। कहा कि माल को ज्यादा वक्त रखे बिना निकाल देते हैं। जीएम ने टिकट विंडो, ओवरब्रिज का हाल देखा। फिर एसएसईपीए दफ्तर में मुसाफिरों को ट्रेन में उपलब्ध कराए जाने वाले तकिये से लेकर चादर तक देखीं। तकियों को दबाकर इनकी क्वालिटी चेक की, चादर फैलाकर उसकी लंबाई देखी। वेटिंग रूम में मुसाफिरों से समस्याएं पूछीं। निरीक्षण के वक्त आरपीएफ के कमांडेंट पीके मिश्रा, स्टेशन अधीक्षक आरबी सक्सेना और सीटीआई मोहम्मद बिलाल समेत मुरादाबाद मंडल से आए कई अफसर मौजूद थे। करीब साढ़े तीन बजे जीएम रेस्ट रूम पहुंचे। वहां थोड़ी देर रुककर सड़क मार्ग से मुरादाबाद चले गए।