बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार ने सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि किसी भी नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन करने से पहले उसका मानचित्र जरूर देखें। अगर किसी नर्सिंग होम का मानचित्र स्वीकृत नहीं है तो उसकी सूचना बीडीए को दें।
उपाध्यक्ष ने कहा है कि शहर में तमाम नर्सिंग होम बिना नक्शा स्वीकृत कराए चल रहे हैं या फिर आवासीय नक्शा स्वीकृत कराकर उनमें अस्पताल चलाए जा रहे हैं। जब भी जांच होती है तो ऐसे नर्सिंग होम संचालक स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन होने की बात कहकर खुद को सही ठहराते हैं। बीडीए ने स्वास्थ्य विभाग से शहर में रजिस्टर्ड नर्सिंग होम और उनके नक्शों की 10 दिन में जानकारी मांगी है। नर्सिंग होम संचालकों को भी पत्र लिखा जा रहा है कि वे निर्धारित समय सीमा के अंदर बीडीए पहुंचकर मानचित्र प्रस्तुत करें। इसके बाद टीम भेजकर नर्सिंग होम के मानचित्र का सर्वे कराया जाएगा। नक्शे स्वीकृत न होने या मानक के अनुरूप भवन निर्माण न पाए जाने पर प्राधिकरण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि उन नर्सिंग होमों का भी सत्यापन होगा, जो बेसमेंट बनाकर उनमें वाहनों की पार्किंग के बजाय मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। आवासीय एरिया में नर्सिंग होम चलाने वाले संचालकों पर भी कार्रवाई होगी।