बरेली। सऊदी अरब ने मक्का-मदीना की हिफाजत के लिए अमेरिकी हथियार खरीदे हैं। इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मक्का और मदीना शरीफ की हिफाजत सऊदी अरब हुकूमत की जिम्मेदारी है। इसके लिए हथियारों की खरीद-बिक्री सऊदी अरब की विदेश नीति के मुताबिक होती है। इसको मजहबी चश्मे से देखा जाना गैरमुनासिब है।
मौलाना ने कहा के इस्राइल ने सोशल मीडिया पर ग्रेटर इस्राइल का नक्शा जारी किया है। इसमें मक्का और मदीना शरीफ को भी शामिल दिखाया है। इसलिए सऊदी अरब को आशंका है कि भविष्य में इस्राइल इन शहरों पर हमला करता है। ऐसे में उनकी हिफाजत के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
देवरिया की घटना को इस्लाम से जोड़कर न देखें
मौलाना ने कहा कि देवरिया की घटना को इस्लाम या कुर्बानी से जोड़कर न देखा जाए। मोहम्मद अंसारी मानसिक तौर पर बीमार था। उसकी बीबी ने भी भूत-प्रेत से परेशान होने और झाड़-फूंक कराने की बात कही है। उसका दिमाग काम नहीं कर रहा था। इस वजह से उसने अपना गला खुद रेत लिया और उसको कुर्बानी का नाम दे दिया गया। इस्लाम इन्सान की कुर्बानी नहीं मांगता, बल्कन्यह इस्लाम तो जान बचाने को फर्ज करार देता है। संवाद