फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों ने पुरानी पेंशन के लिए भरी हुंकार

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। नए जोश और जज्बे के साथ प्रदेशभर से आए माध्यमिक शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के तीन दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन में एनपीएस और यूपीए को खारिज किया और पुरानी पेंशन के लिए संघर्ष की हुंकार भरी। साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास का भी संकल्प लिया गया।
विज्ञापन

संजय कम्युनिटी हाॅल में शिक्षक संघ 58वां प्रांतीय सम्मेलन मंगलवार दोपहर 12:00 बजे वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए वह हर समय तैयार हैं। कोई महत्वपूर्ण मुद्दा या समस्या है तो उसको लेकर वह मुख्यमंत्री के समक्ष भी जाने के लिए तैयार हैं। प्रदेश अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन लागू नहीं हो जाती, तब तक संगठन चैन से नहीं बैठेगा। तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण को अनिवार्य रूप से किए जाने और पूरे देश में एक जैसा पाठ्यक्रम लागू करने की मांग संगठन का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफिया पूरे देश में एक जैसा पाठ्यक्रम लागू होने नहीं दे रहे हैं, इसमें अड़चन सरकार दूर कराए।
एमएलसी राजबहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस स्वीकार नहीं है। ओपीएस लागू की जाए। तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। पूर्व एमएलसी लवकुश मिश्रा व प्रदेश कोषाध्यक्ष महेश चंद्र शर्मा भी मंचस्थ पर रहे। प्रदेश महामंत्री अनिरुद्ध त्रिपाठी और प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुरेश रस्तोगी ने संचालन किया। संगठन की पत्रिका चाणक्य का विमोचन अतिथियों ने किया। सम्मेलन 17 अप्रैल तक विभिन्न सत्रों में चलेगा। 18 मंडलों से डेढ़ हजार शिक्षक पूरे प्रदेश से आए।
विज्ञापन



एमएलसी ने किया मांग का समर्थन

एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने कहा कि देश की शिक्षा से ही राजनीति की दिशा तय होती है एक जैसा पाठ्यक्रम पूरे देश में लागू हो जाए तो यह बहुत अच्छा रहेगा। उन्होंने शिक्षकों की इस मांग का समर्थन किया। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि शिक्षक ऐसे मूर्तिकार हैं जो समाज का बेहतर निर्माण करते हैं। कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र की दिशा और दशा तय करते हैं इसलिए वह शिक्षकों के सम्मान के लिए वह हर समय तैयार हैं। फ्यूचर यूनिवर्सिटी के कुलपति पंकज मिश्रा ने भी संबोधित किया। ब्यूरो
विज्ञापन


सम्मेलन में इस पर भी होगा मंथन
- पुरानी पेंशन लागू कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन पर विचार।
- तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण कैसे हो।
- वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय राज्य सरकार से दिलाया जाए।
- वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली बनाई जाए।
- जो विषय विशेषज्ञ विनियमित हो चुके हैं उनकी पुरानी सेवाएं जोड़कर पेंशन और पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें