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Bareilly News: अस्पताल में दम तोड़ रहे अग्नि सुरक्षा के मानक, मुकदमे के बाद भी नहीं सुधरे संचालक

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बरेली। लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में हुए अग्निकांड ने बरेली के लोगों को भी हिला दिया है। स्थानीय अस्पतालों की बात करें तो करीब 70 फीसदी में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैं। कुछ अस्पतालों व होटलों पर डेढ़ साल पहले मुकदमे दर्ज कराए गए थे। मानक पूरे करना तो दूर की बात, वे नोटिस तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। ऐसे में रोगियों व तीमारदारों की जान को खतरा बना हुआ है।
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चौकी चौराहे के पास स्थित नामचीन अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अग्निशमन केंद्र की नाक के नीचे ही कई साल से यह अस्पताल नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहा है। इसमें युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में बच्चों की आवाजाही रहती है। कई बार चेतावनी देने के बाद भी जब अस्पताल प्रबंधन नहीं सुधरा तो अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट में कंप्लेंट केस दायर कर दिया। सूत्र बताते हैं कि अस्पताल प्रबंधन अब नोटिस रिसीव नहीं कर रहा है। इस वजह से कार्रवाई अटकी पड़ी है। अय्यूब खां चौराहे के पास स्थित एक होटल, इज्जतनगर व बारादरी थाना क्षेत्र में पीलीभीत रोड पर स्थित दो आवासीय अपार्टमेंट पर भी पिछले साल कोर्ट में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन स्थानों पर भी अग्नि सुरक्षा के मानक अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं।
बेसमेंट में चल रहे एनआईसीयू, 28 अस्पतालों के पास एनओसी नहीं
शहर के ज्यादातर अस्पतालों के एनआईसीयू बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। आग लगी तो यहां से बच निकलने की गुंजाइश न के बराबर ही है। पिछले साल 15 नवंबर को झांसी के अस्पताल में एनआईसीयू में हुए अग्निकांड के बाद ऐसे कई अस्पतालों का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। अग्निशमन विभाग की ओर से उस वक्त डाटा जारी किया गया था कि 28 अस्पताल बिना एनओसी के चल रहे हैं। इन्हें कार्रवाई से पूर्व नोटिस देकर संचालन बंद करने की चेतावनी दी गई थी। ताज्जुब की बात है कि आज भी ये अस्पताल व एनआईसीयू उसी हालात में संचालित हो रहे हैं। ब्यूरो
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कितने अस्पतालों के पास एनओसी नहीं है, यह रिकाॅर्ड देखकर ही बताया जा सकता है। हां ये पता है कि बड़ी संख्या में अस्पतालों, होटलों व अन्य संस्थानों को मानक पूरे करने संबंधी नोटिस दिए गए थे। इनमें से कई जगह मानक पूरे हो गए हैं। जहां अब भी सुधार नहीं है, वहां कार्रवाई की जाएगी। - चंद्रमोहन शर्मा, सीएफओ


महिला व मेल सर्जिकल वार्ड में आग बुझाने के अधूरे इंतजाम

बरेली। जिला अस्पताल के महिला व मेल सर्जिकल वार्ड में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यहां सिर्फ फायर सिलिंडर रखे हैं। वार्ड के बाहर लगा हौज रील बाॅक्स में पाइप तक नहीं हैं।
मंगलवार को पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। मेल सर्जिकल वार्ड (पुराना जिला अस्पताल परिसर) में रसोई के बाहर लगे हौज रील बाॅक्स में पाइप नहीं मिला। आग लगने पर यहां बड़ा हादसा हो सकता है। वहां लगे 44, 45 व 47 नंबर बाॅक्स की भी यही स्थिति है। जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भी आग बुझाने के लिए सिर्फ फायर सिलिंडर ही रखे मिले। यहां भी हौज रील बाॅक्स खाली पड़ा था। फायर सिलिंडर पर तारीख तो अपडेट थी, लेकिन उन पर जाले लगे हुए थे।

महिला अस्पताल में नवंबर 2023 में लगी थी आग



29 नवंबर 2023 को जिला महिला अस्पताल के सिक न्यूलीबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में आग लग गई थी। वार्ड में 11 बच्चे भर्ती थे। उनको बदायूं मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। रास्ते में एक बच्चे ने दम तोड़ दिया था। घटना के डेढ़ साल बाद भी यहां की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।

आज होगा पूर्वाभ्यास
लखनऊ के अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद प्रदेश स्तर से निर्देश जारी किए गए तो स्वास्थ्य विभाग भी चेता है। डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद ने बताया कि जिले के सभी निजी अस्पतालों में फायर ऑडिट शुरू कर दिया गया है। बुधवार से अस्पतालों का निरीक्षण शुरू हो जाएगा। जहां भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी, उन अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर, एफएसओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि बुधवार को सुबह 11 बजे जिला अस्पताल में अग्निशमन संबंधी पूर्वाभ्यास किया जाएगा। वहां के संसाधन चेक कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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