महमूद बेग को अब तक नहीं पकड़ सकी पुलिस
धर्मांतरण मामले के पांचवें आरोपी रहपुरा चौधरी गांव निवासी महमूद बेग को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस उसे वांछित बता रही है, वहीं उसकी पत्नी ने उसे पुलिस की हिरासत में होने का आरोप लगाकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। आरोप लगाया कि 20 अगस्त को सादा कपड़ों में आई पुलिस उनके पति को ले गई थी। उन्हें डर है कि पुलिस उनका एनकाउंटर न कर दे।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जफीर अहमद व सलिल कुमार राय ने पुलिस अफसरों से इस संबंध में जानकारी मांगी है। एसएसपी को निर्देश आठ सितंबर को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होने और आरोपी को भी तलाश करके पेश करने का आदेश दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम महमूद बेग की तलाश में जुटी हुई है।
हाफिज आकिल को पुलिस ने छोड़ा
जमीयत उलमा के राष्ट्रीय सचिव नियाज अहमद फारुकी ने बताया कि बरेली से धर्मांतरण के मामले में महमूद बेग व हाफिज आकिल को हिरासत में लेने की जानकारी मिली थी। इन दोनों के परिजन उनके संगठन के अध्यक्ष महमूद मदनी से मिले थे।
आरोप लगाया था कि एसओजी उनका एनकाउंटर कर सकती है। अध्यक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर वकील मुख्तार आलम से बात की। हाफिज आकिल के परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जांच कराई तो हाफिज आकिल निर्दोष मिले। बुधवार रात उन्हें पुलिस ने छोड़ दिया।
जिले में 425 मदरसे वैध, बाकी बिना पंजीकरण
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से उन्होंने इस मामले में सत्यापन व अन्य रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने बताया कि जिले में 425 मदरसे ही वैध हैं। बाकी मदरसे बिना पंजीकरण के संचालित हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।