शुक्रवार से स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। अभिभावकाें ने बच्चों के लिए नई ड्रेस किताबें, स्टेशनरी का तो इंतजाम कर दिया है, लेकिन उनके आने जाने के साधन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। बिशप कोनरॉड, जीआरएम, सेंट मारिया, एसआर इंटरनेशनल, राधा माधव, माधव राव सिंधिया, जीपीएम, बीएल इंटरनेशनल, चिक्कर, पद्मावती एकेडमी, बीबीएल के साथ कई अन्य स्कूलों में एक जैसा हाल दिखा। टैंपो, ऑटो, मैजिक में बच्चे ठूंसकर आए और गए।
- कई स्कूलों ने माने निर्देश तो कई अभी भी कर रहे मनमानी
पिछले साल स्कूलों में बच्चाें की सुरक्षा को लेकर तमाम बैठक हुई लेकिन मामला अब ठंडा है। सिलिंडर लगी वैन अभी भी चल रही है, जांच नहीं होती। ऑटो में बच्चे ठूंसकर बैठाए जा रहे हैं। स्कूलों को वाहनाें की जिम्मेदारी लेने को कहा गया था, वह भी कुछ स्कूलों को छोड़कर अधिकतर ने नहीं ली है।
स्कूलों को यह करना है
संचालक को ड्राइवर के लाइसेंस, पता व संपर्क का ब्यौरा आरटीओ को देना है
स्कूल प्रबंधन बच्चाें को घर के दरवाजे तक छोड़ेगा
सभी वाहन पीले रंग में होंगे
ऑटो के दोनों तरफ जाली होंगी
दाहिनी ओर दरवाजा पैक रहेगा
स्कूल चार पहिया वाहन के लिए ठेका परमिट ले
स्कूल के पास वैन का रूट ब्योरा होना चाहिए
ये हैं स्कूल वाहनों के मानक
ऑटो- 6 बच्चे एक चालक
वैन- 10 बच्चे एक चालक
विक्र म- 8 बच्चे एक चालक