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Bareilly News: संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं स्कूल, हादसा होने पर नहीं पहुंच सकेगी मदद

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शीशगढ़/ दुनका। कस्बे में कुछ स्कूल तंग गलियों में चल रहे हैं। इन स्कूलों में आग लगने या किसी भी अन्य तरह का हादसा होने पर फायर ब्रिगेड अथवा चिकित्सीय सहायता पहुंचना संभव नहीं है। नियम अनुसार स्कूल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने का रास्ता होना आवश्यक है, लेकिन अधिकारी इन पर मेहरबान हैं। इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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कस्बे सहित क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से गलियों व मोहल्लों में चलने वाले दर्जन भर स्कूल संचालित हैं। आश्चर्यवाली बात यह है कि स्कूलों के पास न तो मान्यता है और न ही डिग्री वाले अध्यापक। अब ये प्रचार-प्रसार कर कक्षा एनसी से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित कर बच्चों का दाखिला ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिनमें मदरसा बोर्ड की कक्षा पांचवीं तक की मान्यता है, लेकिन ये ऊपर की कक्षाएं भी संचालित कर रहे हैं, जो अभिभावकों से मोटी फीस भी वसूलते हैं।


इस तरह से कर रहे खिलवाड़
बिना मान्यता के चलने वाले इन स्कूलों के संचालक पढ़ने वाले कुछ बच्चों का नामांकन बाहर के किसी अन्य स्कूलों में करा देते हैं। कुछ बच्चों का नामांकन ही नहीं कराते हैं। नामांकन न होने की वजह से इन बच्चों के दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने में दिक्कतें आती हैं। कुछ दिन पूर्व कस्बे के एक स्कूल ने मान्यता न होने के बाद भी एक छात्र को कक्षा सातवीं की टीसी काट कर दे दी थी। उक्त टीसी पर न ही स्कूल का नाम और न ही मोहर थी। अभिभावक के हंगामा करने पर दूसरी टीसी देने का आश्वासन देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
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दुनका में संचालित अवैध स्कूल पर नहीं हुई कार्रवाई



कस्बा दुनका में पुलिस चौकी के पास बिना मान्यता के दुकानों में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोला गया। एसडीएम और बीईओ शेरगढ़ से मामले में शिकायत की गई। मौके पर पहुंचकर बीईओ ने जांच की तो स्कूल अवैध पाया गया। विभाग ने उसे बंद करने का नोटिस भी दे दिया, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।


स्कूल संचालन के लिए कुछ नियम
बीईओ शेरगढ़ मुकेश कुमार भारती ने बताया कि स्कूल संचालन के लिए कुछ नियमों का पालन आवश्यक है। स्कूल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता होना चाहिए। फायर ब्रिगेड की एनओसी होना चाहिए। प्रत्येक कमरा 180 स्क्वायर फुट का होना चाहिए। प्रत्येक कमरा प्रकाश व हवादार होना चाहिए। स्कूल मान्यता प्राप्त होना चाहिए। जिस बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो उसी की कक्षाएं संचालित होने सहित कई नियम हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को चिह्नित किया जा रहा। ऐसे स्कूलों के विरुद्ध अभियान चला कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

- संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बरेली
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