साढ़े पांच करोड़ के एस्टीमेट को मंजूरी न मिलने से लटका निर्माण काम
बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर का काम भले ही जुलाई-अगस्त में पूरा हो जाए, फिर भी ट्रैफिक फर्राटा नहीं भर सकेगा। सेतु निगम ने फ्लाईओवर के ऊपर हाईटेंशन लाइन को ऊंचा करने के लिए साल भर पहले करीब साढ़े पांच करोड़ का जो बजट मांगा था, उसकी मंजूरी अब तक नहीं मिली है। शासन ने अब अगर लॉकडाउन का हवाला देते हुए बजट पास करने में देरी की तो पुल का काम भले ही पूरा हो जाए, लेेकिन बिजली लाइन नीची होने से उस पर ट्रैफिक निकलने की इजाजत नहीं मिल सकेगी।
सेतु निगम ने आधी-अधूरी तैयारियों के बीच मार्च, 2019 में करीब 26 करोड़ की लागत से सेेटेलाइट फ्लाईओवर का निर्माण शुरू कराया था। बाद में बिजली लाइन और पोल शिफ्ट करने के लिए अलग से एस्टीमेट भेजे गए। चौराहे के दोनों तरफ पुल लगभग बन चुका है, लेकिन चौराहे के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन को अब तक ऊंचा नहीं किया गया है। पॉवर कॉरपोरेशन को इस काम के लिए सेतु निगम को करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये देने हैं, लेकिन साल भर बाद भी शासन से इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। अधिकारियों का कहना है कि पुल का काम तो अगस्त में पूरा हो जाएगा, लेकिन पुल के ऊपर बिजली लाइन कम से कम 10 मीटर ऊंची होनी चाहिए, जबकि अभी इसकी ऊंचाई केवल चार से साढ़े चार मीटर ही है। ऐसे में फ्लाईओवर बन भी गया तो भी ट्रैफिक नहीं शुरू किया जा सकेगा।
नोडल अफसर के सामने भरी हामी, अब मुकर गए
जनवरी में नोडल अफसर, प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने सर्किट हाउस में सेतु निगम के अफसरों के साथ मीटिंग की थी। उस समय सेतु निगम के अधिकारियों ने यह हामी भरी थी कि वे पावर कारपोरेशन का एस्टीमेट बढ़ाए बगैर मौजूदा बजट में ही काम पूरा कर देंगे, लेकिन अब सेतु निगम के अधिकारी इससे मुकर गए हैं।
हाईटेंशन लाइन ऊंचा किए बगैर फ्लाईओवर पर ट्रैफिक शुरू करना मुमकिन नहीं होगा। शासन स्तर पर एस्टीमेट की जांच चल रही है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। - देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम