बरेली। शहर के सुनियोजित विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने चार प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मंडलायुक्त शंभू कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में हुई 96वीं बोर्ड बैठक में सप्तनाथ ईको सिटी, विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला, ग्रेटर बरेली कैनाल फ्रंट और ओमेक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप के प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किए गए।
पीलीभीत बाइपास क्षेत्र में 267.14 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित सप्तनाथ ईको सिटी को बरेली के विस्तार की प्रमुख योजना के रूप में पेश किया गया है। इसके 11 सेक्टरों में 4,726 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। योजना में ग्रुप हाउसिंग, व्यावसायिक क्षेत्र, पार्क, हरित क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।
सप्तनाथ ईको सिटी के विकास पर 1,147 करोड़ व भूमि अधिग्रहण पर 1,327 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) एवं निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए भी आवास विकसित किए जाएंगे। बरेली की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए योजना में थीम आधारित हरित क्षेत्र, आकर्षक लैंडस्केपिंग, पार्क एवं ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर जैसी अवधारणाओं को भी शामिल किया गया है।
इस योजना का लक्ष्य आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी आवासीय विकास के समन्वय से एक सुव्यवस्थित एवं नागरिक केंद्रित शहरी क्षेत्र विकसित करना है। बीडीए बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछली बैठक में बाहरी क्षेत्रों में विकास शुल्क कम करने की मांग की थी, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
शिक्षा और नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
प्राधिकरण का दावा है कि रामगंगानगर के सेक्टर-8 में प्रस्तावित विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला से शहर में शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसमें 12 मीटर व्यास वाले डिजिटल प्लैनेटोरियम डोम की परिकल्पना की गई है। इसके जरिये दर्शक तारामंडल, ग्रहों, आकाशगंगाओं और ब्रह्मांड की विभिन्न घटनाओं का आकर्षक और अनुभवात्मक दृश्य-प्रदर्शन देख सकेंगे। विज्ञान पार्क में छह विषयगत दीर्घाओं के जरिये अंतरिक्ष एवं ब्रह्मांड, भू-विज्ञान, जीवन के विकास, भारतीय वैज्ञानिक परंपरा, जलवायु और पर्यावरण जैसे विषयों को रोचक एवं संवादात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। यह केंद्र विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने के साथ ही विज्ञान को सरल एवं अनुभवात्मक रूप में समझने का अवसर देगा।
इंटीग्रेटेड टाउनशिप से होगा शहर का विकास
लालपुर एवं अढलखिया क्षेत्र में प्रस्तावित ओमेक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप में आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक उपयोगों के साथ हरित क्षेत्रों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के समन्वित विकास की परिकल्पना की गई है। योजना का उद्देश्य सुनियोजित विकास के माध्यम से आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
नहर किनारे विकसित होंगे पार्क और पैदल पथ
ग्रेटर बरेली क्षेत्र में कैनाल फ्रंट के तहत नहर के दोनों ओर हरित पट्टियां, पार्क, पैदल पथ, बैठने की व्यवस्था व प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। ओमेक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप में आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाओं के साथ आधारभूत ढांचे और हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।
वर्जन
सप्तनाथ ईको सिटी के विकास पर 1,147 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण के लिए 1,327 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अन्य अहम परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। - सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए