बरेली। बिजली विभाग ने करीब सवा लाख रूपया बकाया होने पर समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यालय का कनेक्शन काट दिया था। पूरे दिन कार्यालय पर सन्नाटा पसरा रहा। अभी तक पार्टी ने बिल नहीं भरा है। इससे कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सका है।
चुनाव के वक्त समाजवादी पार्टी ने पूरे प्रदेश में तीन सौ यूनिट बिजली फ्री करने की बात कही लेकिन खुद पांच साल से बिजली का बिल नहीं भरा। इससे कार्यालय पर करीब एक लाख 17 हजार रूपये का बिल हो गया तो बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया। बिल नहीं भरे जाने के कारण अभी तक कनेक्शन जोड़ा नहीं गया है। पिछले पांच सालों में तीन जिलाध्यक्ष हुए लेकिन किसी का इस ओर ध्यान नहीं गया। 2017 में वीरपाल जिलाध्यक्ष थे। उन्हाेंने विधानसभा का चुनाव लड़ा तो शुभलेश यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया। उसके 2018 में करीब एक साल तक संगठन भंग रहा है और 2019 में अगम मौर्य जिलाध्यक्ष चुने गए। अगम मौर्य ने इस साल विधानसभा का चुनाव लड़ा तो अब करीब दो माह से शिवचरन कश्यप जिलाध्यक्ष हैं। कार्यकर्ताओं में इसे लेकर काफी गुस्सा रहा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के नेता शीर्ष पदों पर बैठ जाते हैं और फिर जिम्मेदारी भूल जाते हैं जिससे इस तरह से पार्टी को फजीहत का सामना करना पड़ता है।
मैं तो दो माह से जिलाध्यक्ष
मैं तो अभी करीब दो माह पहले ही जिलाध्यक्ष बना हूं। पूरा समय चुनाव में निकल गया। यह बिल तो करीब पांच साल का लग रहा है। बिजली विभाग से बिल निकलवा रहा हूं। जल्द ही बिल भरा जाएगा।
- शिवचरन कश्यप, जिलाध्यक्ष, सपा
मेरे संज्ञान में ही नहीं आया
हां मुझे बुधवार को जानकारी हुई। जिलाध्यक्ष रहते बिजली का बिल कभी मेरे संज्ञान में ही नहीं आया। नहीं तो यह सामान्य सी बात थी मैं भर ही देता।
- अगम मौर्य, पूर्व जिलाध्यक्ष, सपा
मेरे जिलाध्यक्ष बनने से पहले भी बकाया ही था। कभी इस ओर ध्यान नहीं गया। मैंने तो जिलाध्यक्ष बनते ही करीब सात लाख रूपयों से कार्यालय में नवीकरण का काम कराया था। इस ओर कभी ध्यान नहीं गया, मुझे तो बुधवार को इस बारे में पता चला।
- शुभलेश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष