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Bareilly News: रिपोर्ट कराने वाला साधु अमित गिरि ही निकला कातिल

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फरीदपुर। साधु शिवचंद्र गिरि की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कराने वाले साधु अमित गिरि ने ही हत्या की थी। आरोपी ने वारदात कबूलते हुए घटनास्थल पर जाकर घटनाक्रम दोहराकर दिखाया।
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पचौमी गांव में तीन दिन पहले काली मंदिर में साधु शिवचंद्र गिरि की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। काली मंदिर के पुजारी अमित गिरि ने पुलिस को बताया कि शिवचंद्र पंचेश्वर नाथ मंदिर के महंत से दीक्षा लेना चाहते थे। शराब का लती होने पर महंत ने उनको भगा दिया। शिवचंद्र ने महंत को अपशब्द कहे। गुरु से अभद्रता करने पर उन्होंने पंचेश्वर नाथ मंदिर पर ही शिवचंद्र को डंडे मार दिए। शिवचंद्र नशे में वहां से निकला और काली मंदिर पर जाकर धूनी रमा दी।
पुलिस के मुताबिक उसी रात आठ बजे अमित गिरि भी वहां पहुंच गया। उसे लगा कि शिवचंद्र काली मंदिर पर कब्जा कर लेगा। इसी वजह से उसने शिवचंद्र की हत्या कर दी और पंचेश्वर नाथ मंदिर पर जाकर लेट गया।
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शक की गुंजाइश खत्म करने को खुद लिखाई रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, दूसरे दिन सुबह छह बजे अमित गिरि काली मंदिर पहुंचा और प्रधान को शिवचंद्र की हत्या की सूचना दी। शक की गुंजाइश खत्म करने के लिए खुद मुकदमे का वादी बन गया। संदेह होने पर पुलिस ने अमित गिरि को भी बैठा लिया। कुछ देर ना-नुकुर के बाद उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
खुलासे पर उठ रहे सवाल
पुलिस के अनुसार घटना के वक्त शिवचंद्र गिरि शराब के नशे में और अमित गिरि भांग के नशे में था। अमित ने हत्या करने के लिए तीन ईंटें व एक डंडे का उपयोग किया। शिवचंद्र गिरि भी अच्छे डीलडौल वाला था। सवाल उठ रहा है कि अकेले अमित ने कैसे शिवचंद्र की हत्या कर दी? शिवचंद्र गिरि का मोबाइल भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई। संवाद

साधु की हत्या के मामले में साक्ष्यों और आरोपी के बयान के आधार पर खुलासा किया गया है। साधु अमित गिरि ने ही दूसरे साधु की हत्या की थी। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता। 

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